RJD में जिलाध्यक्षों के चयन के नियमों में बड़ा बदलाव, अब 60 वर्ष तक के नेता बन सकेंगे जिलाध्यक्ष, अगले सप्ताह हो सकती है घोषणा

मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए सांगठनिक स्तर पर राहत भरी खबर सामने आई है। पार्टी नेतृत्व ने संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से जिलाध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पहले जिलाध्यक्ष बनने के लिए अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष निर्धारित की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 60 वर्ष कर दिया गया है। इस फैसले से उन वरिष्ठ नेताओं को भी जिलाध्यक्ष बनने का अवसर मिल सकेगा, जो पहले तय आयु सीमा के कारण इस दायरे से बाहर हो रहे थे। इसके साथ ही चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले पदाधिकारियों के लिए भी नियमों में व्यावहारिक संशोधन किए गए हैं।

पार्टी के सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए जिलाध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। पहले राष्ट्रीय जनता दल ने 50 से 55 वर्ष तक की आयु के नेताओं को जिलाध्यक्ष बनाने का मानक तय किया था। हालांकि, जमीनी स्तर से लगातार मिल रहे सुझावों और कार्यकर्ताओं की मांग को ध्यान में रखते हुए पार्टी नेतृत्व ने इस नियम में बदलाव करने का निर्णय लिया। अब अधिकतम उम्र सीमा 60 वर्ष किए जाने के बाद वरिष्ठ नेताओं के लिए भी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने का रास्ता खुल गया है।

इस आयु सीमा में बदलाव की पहल 4 सितंबर को मधुबनी जिले के कार्यकर्ताओं की ओर से की गई थी। मधुबनी के कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के सामने उम्र सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद अन्य जिलों से भी इस मांग को समर्थन मिलने लगा। विभिन्न जिलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं की ओर से मिले सुझावों के बाद पार्टी नेतृत्व ने इस प्रस्ताव पर विचार किया और अंततः अधिकतम उम्र सीमा 60 वर्ष करने का फैसला लिया।

जिलाध्यक्षों के चयन से जुड़े नियमों में बदलाव के साथ ही चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले पदाधिकारियों के लिए भी कुछ प्रावधानों में व्यावहारिक संशोधन किए गए हैं। पार्टी का सांगठनिक ढांचा मजबूत करने और जिला स्तर पर नेतृत्व को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

जिलाध्यक्षों के नामों की आधिकारिक घोषणा अगले सप्ताह या अक्टूबर के पहले सप्ताह में होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजरें अब पार्टी नेतृत्व की घोषणा पर टिकी हुई हैं। जिलाध्यक्षों की नई सूची जारी होने के बाद विभिन्न जिलों में संगठन की कमान नए पदाधिकारियों को सौंपी जाएगी।

मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू, संपादक

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