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चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी, गृह मंत्रालय से तत्काल जांच की मांग
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September 01, 2026
मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। यह मामला 1 सितंबर 2026 को सामने आया, जिसके बाद खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की ओर से केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर मामले की तत्काल और गहन जांच कराने की मांग की गई है।
जानकारी के अनुसार, मंत्रालय को मिले एक बिना हस्ताक्षर वाले संदेश में दो मोबाइल नंबरों का उल्लेख किया गया है। इसी संदेश में चिराग पासवान को जल्द ही कथित तौर पर ‘hardcore terrorists’ द्वारा मार दिए जाने की धमकी दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्रालय ने धमकी वाले संदेश की सत्यता और उसके स्रोत का पता लगाने का अनुरोध किया है।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के अतिरिक्त निजी सचिव आलोक कुमार सिंह ने 1 सितंबर 2026 को केंद्रीय गृह सचिव को इस संबंध में पत्र भेजा। पत्र में पूरे मामले की तत्काल जांच कराने और यह पता लगाने का अनुरोध किया गया है कि धमकी कहां से आई, संदेश वास्तविक है या फर्जी और इसके पीछे किसकी भूमिका है।
मंत्रालय ने धमकी वाले संदेश में उल्लेख किए गए दोनों मोबाइल नंबरों की भी जांच कराने की मांग की है। जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि संदेश किसने भेजा और इसके पीछे क्या उद्देश्य था।
धमकी के मद्देनजर चिराग पासवान की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग भी की गई है। चिराग पासवान को फिलहाल गृह मंत्रालय की ओर से Z श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। मंत्रालय ने खतरे को देखते हुए उनकी सुरक्षा की दोबारा समीक्षा करने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का अनुरोध किया है।
चिराग पासवान के आगामी सार्वजनिक कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए भी पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने की बात कही गई है। मंत्रालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एजेंसियों से आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा की है।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी चिराग पासवान को मिली धमकी को गंभीर मामला बताया है। पार्टी ने मांग की है कि धमकी भेजने वाले व्यक्ति या इसके पीछे शामिल लोगों की जल्द पहचान की जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
पार्टी ने यह भी कहा है कि चिराग पासवान की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अब गृह मंत्रालय और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की जांच के बाद ही धमकी के स्रोत और उसकी वास्तविकता का पता चल सकेगा।
मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
