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सितंबर में मोदी कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा तेज, बिहार के कई नेताओं पर टिकी नजर
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September 01, 2026
मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार में सितंबर 2026 की शुरुआत के साथ ही कैबिनेट विस्तार और फेरबदल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। बीजेपी के भीतर संभावित बदलाव को लेकर अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। यदि मंत्रिमंडल में फेरबदल होता है तो इसका असर बिहार के मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों पर भी पड़ सकता है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल में अधिकतम 81 मंत्री हो सकते हैं। मौजूदा स्थिति में करीब 12 पद खाली बताए जा रहे हैं। ऐसे में इन पदों पर नए चेहरों को शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, जिन मंत्रियों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है, उनकी जिम्मेदारियों में बदलाव या उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने की चर्चा भी है।
संभावित फेरबदल को युवा नेताओं और महिला चेहरों को ज्यादा मौका देने की रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार में 50 साल से कम उम्र के नेताओं को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी को प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिए जाने की चर्चा है। हालांकि, इन चर्चाओं पर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी नेतृत्व की ओर से ही लिया जाएगा।
फिलहाल मोदी सरकार में बिहार से आठ मंत्री शामिल हैं। इनमें चार कैबिनेट मंत्री और चार राज्य मंत्री हैं। कैबिनेट मंत्रियों में गिरिराज सिंह के पास कपड़ा मंत्रालय, चिराग पासवान के पास खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के पास पंचायती राज के साथ मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय और जीतन राम मांझी के पास सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय है।
वहीं, राज्य मंत्रियों में नित्यानंद राय गृह मंत्रालय, सतीश चंद्र दुबे कोयला एवं खान, रामनाथ ठाकुर कृषि एवं किसान कल्याण और राज भूषण चौधरी जल शक्ति मंत्रालय में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
बिहार से जुड़े संभावित बदलावों को लेकर बीजेपी के कुछ नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे को लेकर सबसे ज्यादा कयास लगाए जा रहे हैं। गिरिराज सिंह की उम्र को देखते हुए उनकी जगह विवेक ठाकुर को केंद्र में मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। वहीं सतीश चंद्र दुबे की जगह राज्यसभा सांसद मनन मिश्रा को मौका दिए जाने की बात कही जा रही है।
जल शक्ति मंत्रालय में राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी को लेकर भी बदलाव की चर्चा है। उनके कामकाज को लेकर पार्टी के भीतर सवाल उठने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन सभी संभावनाओं की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जनता दल यूनाइटेड यानी JDU में भी संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर हलचल की चर्चा है। संजय झा को केंद्र सरकार में मंत्री बनाए जाने की संभावना को लेकर राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं। यदि JDU को केंद्र में दो मंत्री पद मिलते हैं तो राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की स्थिति सुरक्षित रहने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, यदि JDU को सिर्फ एक मंत्री पद मिलता है तो ऐसी स्थिति में ललन सिंह की जगह संजय झा को केंद्र में मंत्री बनाए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, यह पूरी तरह पार्टी नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले पर निर्भर करेगा।
पिछले दिनों नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के बाद भी संजय झा को केंद्र में मंत्री बनाए जाने को लेकर चर्चाएं तेज हुई थीं। अब राजनीतिक नजरें सितंबर में होने वाले संभावित कैबिनेट विस्तार या फेरबदल पर टिकी हैं।
यदि मोदी कैबिनेट में बदलाव होता है तो बिहार के लिए भी यह फेरबदल महत्वपूर्ण होगा। सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि मौजूदा मंत्रियों में किसकी जिम्मेदारी बदलेगी, किसे मंत्रिमंडल से बाहर किया जाएगा और किन नए चेहरों को केंद्र सरकार में जगह मिलेगी।
मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
