पॉडकास्ट में कथित आपत्तिजनक और विवादित बयानों को लेकर चर्चा में आए स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का विरोध शुरू हो गया है। स्वतंत्र फिलहाल दिल्ली पुलिस की हिरासत में है। पुलिस ने उसके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धारा 307 समेत कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
शनिवार को दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस थाने के बाहर हिंदूवादी संगठनों के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे। प्रदर्शनकारियों ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि स्वतंत्र को उसके ब्राह्मण समुदाय से होने की वजह से निशाना बनाया जा रहा है।
हिंदूवादी कार्यकर्ता दक्ष चौधरी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्वतंत्र ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने कहा कि अगर स्वतंत्र ने जातिसूचक शब्द कहे हैं तो उसका वीडियो सामने लाया जाए। दक्ष चौधरी ने आरोप लगाया कि दबाव में आकर मामूली चोट के मामले को धारा 307 में बदल दिया गया।
वहीं, प्रदर्शन में शामिल एक अन्य कार्यकर्ता ने कहा कि देश में एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों के मुद्दों पर लगातार चर्चा होती है, लेकिन सामान्य वर्ग के लोगों की समस्याओं पर पर्याप्त बात नहीं होती। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या स्वतंत्र भारद्वाज की गलती सिर्फ इतनी है कि वह ब्राह्मण समुदाय से आते हैं?
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता ने यह भी कहा कि स्वतंत्र के समर्थन में ब्राह्मण समाज के बड़े नेता सामने नहीं आ रहे हैं। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की।
हालांकि, स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ लगाए गए आरोपों और पुलिस की ओर से दर्ज धाराओं पर अंतिम स्थिति जांच और अदालत की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल मामले को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।