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पटना में बीएसआरटीसी बस हादसे की वजह पर अलग-अलग दावे, तकनीकी जांच से खुलेगा राज
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September 17, 2026
मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू
पटना के नेहरू पथ स्थित राजा बाजार फ्लाईओवर पर बुधवार को हुए बीएसआरटीसी की एसी बस हादसे की वजह को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। हादसे के बाद बस के कंडक्टर मनीष कुमार ने स्टेयरिंग फेल होने की बात कही थी, जबकि गुरुवार को यातायात पुलिस ने तेज रफ्तार और लापरवाही से बस चलाने को हादसे की वजह बताया है। अब मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) की तकनीकी जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
हादसा बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे पारस अस्पताल के सामने हुआ था। औरंगाबाद से पटना के बीच चलने वाली बीएसआरटीसी की बस संख्या BR02PC-2766 सरदार पटेल भवन से सगुना मोड़ की ओर जा रही थी। इसी दौरान बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और उसे तोड़ते हुए विपरीत लेन में चली गई।
हादसे के समय बस में करीब 15 से 20 यात्री सवार बताए गए थे। इनमें तीन से चार यात्रियों को मामूली चोटें आईं। बस की रफ्तार कम होने के कारण वह फ्लाईओवर की रेलिंग से टकराने से पहले ही रुक गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, डिवाइडर पर रखा एक गमला बस के चक्के के नीचे आ गया था, जिससे बस की गति कुछ कम हुई और वह रेलिंग के पास जाकर रुक गई। हादसे में बस के चारों तरफ के शीशे टूट गए, जबकि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे के बाद चालक विनोद कुमार और कंडक्टर मनीष कुमार मौके से चले गए थे। बाद में बस डिपो प्रबंधन ने कंडक्टर से संपर्क किया। कंडक्टर ने बातचीत के दौरान अचानक स्टेयरिंग फेल होने की बात बताई थी। औरंगाबाद बस डिपो के डीएम रजनीश कुमार ने भी कंडक्टर से हुई बातचीत के आधार पर स्टेयरिंग फेल होने की जानकारी दी थी।
हालांकि, गुरुवार को यातायात पुलिस की ओर से हादसे की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही से बस चलाना बताया गया। पुलिस ने चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस कार्रवाई के बाद हादसे के कारण को लेकर कंडक्टर के पहले बयान और पुलिस की ओर से सामने आए कारण में अंतर दिखाई दे रहा है।
यातायात पुलिस ने मामले में यातायात थाने में कांड संख्या 217/26 दर्ज किया है। प्राथमिकी बीएनएस की धारा 281 और 324(4) के तहत दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, चालक के ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हादसे के बाद से चालक की तलाश की जा रही है।
वहीं, बस डिपो प्रबंधन ने भी घटना की जांच के आदेश दिए हैं। मोटर वाहन निरीक्षक यानी एमवीआई बस की तकनीकी जांच करेंगे। जांच में स्टेयरिंग सिस्टम समेत बस के अन्य तकनीकी हिस्सों की स्थिति की जांच की जाएगी। इसके बाद जांच रिपोर्ट परिवहन विभाग को सौंपी जाएगी।
फिलहाल हादसे की वजह को लेकर दो अलग-अलग बातें सामने आई हैं। पुलिस ने तेज रफ्तार और लापरवाही को आधार बनाकर कार्रवाई की है, जबकि कंडक्टर ने स्टेयरिंग फेल होने की बात कही थी। एमवीआई की तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बस में किसी तकनीकी खराबी की भूमिका थी या हादसा तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही के कारण हुआ।
मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
