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कमतौल में कौवों की मौत से बिजली आपूर्ति बाधित, ग्रामीणों ने एबी केबल और बर्ड गार्ड की मांग की
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September 17, 2026
मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू
कमतौल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने की एक और वजह सामने आई है। बारिश, आंधी-तूफान और पेड़-पौधों के बिजली तारों पर गिरने से बिजली गुल होने की घटनाएं आम हैं, लेकिन अब पक्षियों के करेंट की चपेट में आने से भी बिजली आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। गुरुवार सुबह 11 केवी बिजली लाइन पर दो कौवे मृत अवस्था में तार से लटके मिले। करेंट की चपेट में आने से दोनों पक्षियों की मौत हो गई, जिसके बाद संबंधित फीडर की बिजली आपूर्ति काफी देर तक बाधित रही और उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों की नजर गुरुवार सुबह 11 केवी बिजली लाइन पर पड़ी, जहां दो कौवे मृत अवस्था में तार से लटके हुए थे। बताया गया कि बिजली के संपर्क में आने से दोनों पक्षियों की मौत हुई। घटना के बाद संबंधित फीडर की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। काफी देर तक बिजली नहीं रहने के कारण स्थानीय उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आबादी वाले इलाकों में कई जगह बिजली के नंगे तार हैं और पोल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। ऐसे में कौवे समेत दूसरे पक्षी तारों के संपर्क में आने पर करेंट की चपेट में आ जाते हैं। इससे पक्षियों की जान जाने के साथ-साथ बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होती है।
ग्रामीणों के अनुसार, पक्षियों के बिजली तार के संपर्क में आने से कई बार शॉर्ट-सर्किट की स्थिति पैदा हो जाती है। इसका सीधा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ता है और कुछ मामलों में ट्रांसफार्मर के क्षतिग्रस्त होने की भी स्थिति बन जाती है। इससे बिजली विभाग को नुकसान होने के साथ उपभोक्ताओं को भी लंबे समय तक बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग से आबादी वाले क्षेत्रों में नंगे तारों की जगह **एबी केबल** लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि एबी केबल लगाने से बिजली तारों के संपर्क में आने वाले पक्षियों की घटनाओं में कमी आ सकती है और शॉर्ट-सर्किट की समस्या को भी कम किया जा सकता है।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने बिजली पोल पर बर्ड गार्ड लगाने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि बर्ड गार्ड की व्यवस्था से पक्षियों को बिजली के तार और पोल के खतरनाक हिस्सों से दूर रखने में मदद मिल सकती है। ग्रामीणों के मुताबिक, बिजली व्यवस्था में जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाने से पक्षियों की जान बचाने के साथ उपभोक्ताओं को भी अधिक सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
**मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
