पटना। बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने बेबाक राजनीतिक बयानों को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल में जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के साथ उनकी जुबानी जंग ने राजनीतिक गलियारों में ध्यान खींचा है। प्रशांत किशोर की ओर से सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए उनके राजनीतिक संबंधों और कांग्रेस के साथ कथित जुड़ाव पर सवाल उठाए। इन बयानों को लेकर रिपोर्टों में दोनों नेताओं के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी का उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशांत किशोर ने सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके जवाब में सम्राट चौधरी ने प्रशांत किशोर को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी की और आरोप लगाया कि वह कांग्रेस के लिए काम करते हैं तथा दूसरे राज्यों से पैसा लाकर बिहार में खर्च करते हैं। सम्राट चौधरी का यह बयान उनका राजनीतिक आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि के तौर पर कोई प्रमाण इस रिपोर्ट में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
सम्राट चौधरी के राजनीतिक बयानों का एक पुराना संदर्भ अक्टूबर 2022 का भी है। उस समय बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में महागठबंधन सरकार बनने के बाद विधानसभा और विधान परिषद की राजनीति में दल-बदल को लेकर काफी चर्चा थी। इसी दौरान नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के बीच राजनीतिक बयानबाजी हुई थी। सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार पर पलटवार करते हुए उनके राजनीतिक दल बदलने के इतिहास का उल्लेख किया था।
सम्राट चौधरी और तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के बीच भी सदन में तीखी बहस का एक मामला सामने आया था। मार्च 2021 में विधानसभा की कार्यवाही के दौरान तत्कालीन मंत्री सम्राट चौधरी ने सदन के संचालन को लेकर अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने अध्यक्ष से कहा था कि सदन इस तरह नहीं चलता है। इस टिप्पणी पर तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने नाराजगी जताते हुए उनसे शब्द वापस लेने को कहा था। मामले को लेकर सदन की कार्यवाही भी स्थगित की गई थी।
सम्राट चौधरी की राजनीतिक शैली को लेकर अक्सर यह चर्चा होती रही है कि वह विरोधियों के बयानों पर सीधे प्रतिक्रिया देने के बजाय कई मामलों में चुप रहते हैं, लेकिन जिन मुद्दों पर वह प्रतिक्रिया देते हैं, वहां उनका जवाब काफी स्पष्ट और तीखा होता है। हालिया प्रशांत किशोर प्रकरण ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में इस तरह की बयानबाजी को सुर्खियों में ला दिया है।
बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में प्रशांत किशोर और सम्राट चौधरी के बीच बयानबाजी किस दिशा में जाती है, इस पर राजनीतिक नजरें बनी रहेंगी। फिलहाल दोनों पक्षों के बयान अपने-अपने राजनीतिक दावों और आरोपों के रूप में सामने आए हैं।
मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू
संपादक: रोहित कुमार सोनू