सीतामढ़ी। सीतामढ़ी में रेल सुविधाओं को बेहतर और मजबूत करने की मांग को लेकर पूर्व सांसद अर्जुन राय ने 21 सितंबर 2026 को महाप्रबंधक, पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर से मुलाकात की और उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। मुलाकात के दौरान उन्होंने सीतामढ़ी की वर्तमान रेल सुविधाओं के साथ-साथ भविष्य में बढ़ने वाली यात्री और पर्यटन गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। अर्जुन राय ने कहा कि सीतामढ़ी में मां जानकी की भव्य प्रतिमा के निर्माण की दिशा में पहल हो रही है और आने वाले एक-दो वर्षों में यह क्षेत्र देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण केंद्र बन सकता है। ऐसे में यहां की रेल कनेक्टिविटी को समय रहते मजबूत करना जरूरी है।
ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस के मार्ग में बदलाव को लेकर की गई है। पूर्व सांसद ने मांग की है कि राजधानी एक्सप्रेस को पटना के रास्ते चलाने के बजाय सीतामढ़ी-रक्सौल होकर चलाया जाए, जिससे उत्तर बिहार और सीमावर्ती क्षेत्रों के यात्रियों को देश की राजधानी दिल्ली तथा अन्य प्रमुख शहरों के लिए बेहतर रेल सुविधा मिल सके।
दूसरी महत्वपूर्ण मांग पूर्व से स्वीकृत सीतामढ़ी-सोनबरसा-परिहार-सुरसंड-जयनगर-निर्मली रेल लाइन के निर्माण से जुड़ी है। अर्जुन राय ने इस रेल लाइन के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की मांग की है। उनके अनुसार इस रेल संपर्क से सीतामढ़ी सहित सीमावर्ती और मिथिला क्षेत्र के कई इलाकों को बेहतर रेल सुविधा से जोड़ा जा सकेगा।
तीसरी मांग मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेलखंड पर स्थित न्यू रुन्नीसैदपुर स्टेशन के निर्माण कार्य से संबंधित है। ज्ञापन में इस स्टेशन के निर्माण कार्य को पूरा कराने की मांग की गई है, ताकि क्षेत्र के यात्रियों को इसका लाभ मिल सके और रेल यातायात के विस्तार में मदद मिले।
चौथी मांग सीतामढ़ी में रेलवे वाशिंग-पिट के निर्माण की है। वाशिंग-पिट की सुविधा उपलब्ध होने से सीतामढ़ी से चलने वाली ट्रेनों के रखरखाव और परिचालन क्षमता को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर ट्रेनों के रखरखाव से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
पांचवीं मांग मुजफ्फरपुर-औराई-जनकपुर रोड रेल लाइन के निर्माण कार्य को लेकर की गई है। इस रेल लाइन के निर्माण से मुजफ्फरपुर, औराई, जनकपुर रोड और आसपास के क्षेत्रों के बीच रेल संपर्क को और मजबूत करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई है।
छठी मांग दरभंगा-सीतामढ़ी-रक्सौल तथा मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेल लाइनों के दोहरीकरण की है। पूर्व सांसद ने इन दोनों महत्वपूर्ण रेलखंडों का दोहरीकरण कराने पर जोर दिया है। रेल लाइन के दोहरीकरण से भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ाने, परिचालन क्षमता में सुधार और यात्रियों को बेहतर सेवा उपलब्ध कराने में सहायता मिल सकती है।
सातवीं और अंतिम मांग सीतामढ़ी से देश के विभिन्न महानगरों के लिए लगातार नई ट्रेनों का परिचालन शुरू कराने की है। ज्ञापन में दुरंतो, गरीब रथ और वंदे भारत जैसी ट्रेनों की सुविधा सीतामढ़ी को उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई है। पूर्व सांसद का कहना है कि सीतामढ़ी का धार्मिक और पर्यटन महत्व लगातार बढ़ रहा है, इसलिए यहां से देश के प्रमुख महानगरों के लिए तेज और सुविधाजनक रेल सेवा की जरूरत है।
पूर्व सांसद अर्जुन राय ने महाप्रबंधक से मुलाकात के दौरान सीतामढ़ी की रेल कनेक्टिविटी से जुड़े इन सभी मुद्दों पर आवश्यक पहल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी के बढ़ते पर्यटन महत्व और भविष्य की यात्री आवश्यकताओं को देखते हुए रेलवे को आधारभूत संरचना के विस्तार और नई रेल सेवाओं की दिशा में गंभीरता से पहल करनी चाहिए।
मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू
संपादक: रोहित कुमार सोनू