मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को पटना के बापू सभागार में आयोजित लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार की गौरवशाली विरासत, शिक्षा, संस्कृति और विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लव-कुश समाज के सामाजिक और राजनीतिक सफर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1992, 1993 और 1994 में कुर्मी चेतना रैली और कुशवाहा सम्मेलन जैसे आयोजन हुए। इसके बाद दोनों समाजों ने मिलकर लव-कुश सम्मेलन की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक एकजुटता और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सम्मानित होने वाली प्रतिभाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत है कि उन्हें उचित अवसर, संसाधन और प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे राज्य और देश का नाम रोशन कर सकें।
मुख्यमंत्री ने बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य ने शिक्षा, संस्कृति, ज्ञान और सामाजिक परिवर्तन के क्षेत्र में देश को महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विकास के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं को बनाए रखने पर भी जोर दिया।
लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एकता, प्रतिभा सम्मान और बिहार के विकास को लेकर विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार रखे। समारोह में सम्मानित प्रतिभाओं के परिजनों और समाज के लोगों में भी उत्साह देखने को मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाओं को सम्मान मिलने से उनका उत्साह बढ़ता है और दूसरे युवाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बिहार के युवाओं से शिक्षा, मेहनत और प्रतिभा के माध्यम से राज्य की पहचान को और मजबूत करने का आह्वान किया।
मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू