NEET प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR रद्द, प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने का आदेश

मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू NEET पेपर लीक मामले के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सरकार के रुख को स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले ही प्रदर्शनकारी छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का भरोसा दिया था और अब सरकार अपने उस वादे को पूरा करने जा रही है।
जेपी नड्डा ने कहा कि 25 जुलाई 2026 को उन्होंने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों से बातचीत की थी। उस दौरान भारत सरकार की ओर से छात्रों को आश्वासन दिया गया था कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए जाएंगे और उनके खिलाफ आगे कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसी सिलसिले में बीजेपी शासित राज्यों की सरकारों से भी इस मुद्दे पर चर्चा की गई थी। सरकार अब अपने वादे को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। जेपी नड्डा ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 5 सितंबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन वापस लेने के फैसले का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए युवाओं की तरक्की और विकास सबसे बड़ी प्राथमिकता है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को देशभर में 20 से 25 जुलाई के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी FIR रद्द करने का आदेश दिया। भारत के प्रधान न्यायाधीश CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार को प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्देश भी दिया। अदालत ने कहा कि NEET प्रश्नपत्र लीक के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को तीन महीने के भीतर मुआवजा दिया जाए। कोर्ट के इस आदेश से प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट ने FIR रद्द करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल किया। अनुच्छेद 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट को किसी मामले में पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक आदेश और निर्देश जारी करने की विशेष शक्ति प्राप्त है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले और केंद्र सरकार के रुख के बाद NEET पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर भी नई स्थिति बन गई है। सरकार की ओर से छात्रों के खिलाफ मामलों को वापस लेने के आश्वासन और अदालत के आदेश के बाद अब इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
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