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छठ के बाद बिहार से दिल्ली-मुंबई लौटने वालों की बढ़ी परेशानी, ट्रेनों में वेटिंग 100 पार और हवाई किराया आसमान पर
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October 31, 2026
मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू
बिहार में छठ महापर्व संपन्न होने के बाद अब प्रवासी बिहारियों के सामने अपने कार्यस्थलों पर लौटने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। दशहरा और दिवाली के बाद किसी तरह घर पहुंचने वाले लाखों प्रवासियों को वापसी के लिए कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है। दिल्ली, मुंबई, गुजरात और पंजाब जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में 17 नवंबर से अगले एक सप्ताह तक सीटों की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। कई ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 100 के पार पहुंच गई है, जबकि कुछ ट्रेनों में नो रूम की स्थिति बन गई है। ट्रेनों में टिकट नहीं मिलने के कारण हवाई यात्रा भी महंगी हो गई है और विमानन कंपनियों के बढ़े किराये ने यात्रियों की चिंता और बढ़ा दी है।
रेलवे टिकटों की उपलब्धता पर छठ के बाद घर लौटने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ का असर साफ दिखाई देने लगा है। 16 नवंबर को छठ महापर्व के अंतिम दिन सुबह के अर्घ्य और पारण के बाद 17 नवंबर से बड़ी संख्या में लोग अपने काम पर लौटने की तैयारी में हैं। इसके चलते नियमित ट्रेनों में सीटों की मांग तेजी से बढ़ रही है। राजगीर से नई दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस में 17 नवंबर से स्लीपर और थर्ड एसी श्रेणी में वेटिंग 100 के पार पहुंचने की जानकारी सामने आई है। वहीं, इस्लामपुर से चलने वाली मगध एक्सप्रेस, अहमदाबाद जाने वाली अजीमाबाद एक्सप्रेस और मुंबई जाने वाली लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस में भी 17 से 22 नवंबर के बीच टिकटों की भारी मांग के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छठ के बाद काम पर लौटने वाले मजदूरों, नौकरीपेशा लोगों और अन्य प्रवासी यात्रियों के लिए यह स्थिति बड़ी मुश्किल पैदा कर सकती है। त्योहारों के दौरान बिहार आने वाले लोगों को अब वापसी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तलाशनी पड़ रही है। जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक नहीं कराया है, उनके लिए कन्फर्म सीट मिलना और भी मुश्किल हो सकता है।
ट्रेनों में जगह नहीं मिलने का असर हवाई यात्रा पर भी पड़ रहा है। पटना से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट का किराया सामान्य दिनों में जहां लगभग 4,000 से 7,000 रुपये के बीच रहता है, वहीं 16 से 20 नवंबर के दौरान इसके बढ़कर 9,000 से 15,000 रुपये तक पहुंचने की जानकारी है। इसी तरह पटना से मुंबई जाने वाली फ्लाइट के लिए यात्रियों को करीब 17,000 से 30,000 रुपये या उससे अधिक खर्च करने पड़ सकते हैं। इससे उन लोगों की परेशानी बढ़ गई है, जिन्हें समय पर अपने कार्यस्थल पर पहुंचना जरूरी है। महंगे हवाई टिकटों के कारण हर यात्री के लिए विमान से सफर करना संभव नहीं है।
यात्रियों को राहत देने के लिए रेलवे की ओर से पूजा स्पेशल ट्रेनों का संचालन भी किया जा रहा है। इनमें पाटलिपुत्र-आनंद विहार स्पेशल, पटना-नई दिल्ली वंदे भारत स्पेशल और पटना-नई दिल्ली के बीच चलने वाली अन्य विशेष ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों में यात्रा करने से पहले यात्रियों को संबंधित तारीख, ट्रेन के समय, ठहराव और टिकट की उपलब्धता की आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए। स्पेशल ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता लगातार बदल सकती है, इसलिए समय रहते टिकट बुक कराना बेहतर रहेगा।
छठ महापर्व बिहार के लोगों के लिए आस्था और परिवार से जुड़ने का सबसे बड़ा अवसर है। इस दौरान दूसरे राज्यों में काम करने वाले लाखों लोग अपने घर लौटते हैं, लेकिन पर्व समाप्त होते ही उनकी प्राथमिकता समय पर काम पर पहुंचने की होती है। ऐसे में ट्रेनों में भीड़ और हवाई किराये में बढ़ोतरी हर साल प्रवासी यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बन जाती है। यात्रियों को उम्मीद है कि रेलवे अतिरिक्त ट्रेनों और कोचों की व्यवस्था कर उन्हें राहत देगा, ताकि छठ के बाद उनकी वापसी यात्रा आसान और किफायती हो सके।
मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
