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मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेलखंड के दोहरीकरण की तैयारी तेज, 1.41 करोड़ रुपये से अधिक का टेंडर जारी
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October 19, 2026
मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू
बिहार के मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी के बीच रेल यातायात को बेहतर बनाने की दिशा में पूर्व मध्य रेलवे ने तकनीकी तैयारियों को आगे बढ़ाने की पहल की है। समस्तीपुर रेल मंडल के अंतर्गत मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी सहित कई प्रमुख रेलखंडों पर दोहरीकरण और विद्युतीकरण से संबंधित योजनाओं के लिए रेलवे ने 1.41 करोड़ रुपये से अधिक का ई-टेंडर जारी किया है। इस निविदा के तहत 132 केवी एक्स्ट्रा हाईटेंशन (ईएचटी) विद्युत लाइनों का सर्वेक्षण, डिजाइनिंग और ओवरहेड उपकरणों से जुड़े तकनीकी कार्य किए जाएंगे। इसके लिए 36 महीने की समयसीमा निर्धारित की गई है।
समस्तीपुर मंडल के उप मुख्य विद्युत अभियंता (निर्माण-उत्तर) कार्यालय की ओर से जारी इस निविदा का उद्देश्य रेलवे की विद्युत व्यवस्था से संबंधित आवश्यक तकनीकी दस्तावेज तैयार करना है। इसमें ओवरहेड उपकरण (ओएचई) और पावर सप्लाई इंस्टॉलेशन (पीएसआई) से जुड़े डिजाइन तैयार किए जाएंगे। चयनित एजेंसी वायरिंग डायग्राम, पावर सप्लाई डायग्राम और पैगिंग प्लान सहित विभिन्न तकनीकी योजनाएं बनाएगी। इन दस्तावेजों के आधार पर रेलवे आगे की निर्माण और विद्युत संबंधी योजनाओं को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेगा।
परियोजना के तहत ग्रिड सब-स्टेशन से ट्रैक्शन सब-स्टेशनों तक जाने वाली 132 केवी एक्स्ट्रा हाईटेंशन लाइनों का विस्तृत सर्वेक्षण भी किया जाएगा। इसके अंतर्गत विद्युत लाइनों के मार्ग का अध्ययन, रेलवे ट्रैक के आसपास उनकी स्थिति का आकलन और ओवरहेड उपकरणों को प्रभावित करने वाली ईएचटी लाइन क्रॉसिंग की पहचान की जाएगी। सर्वेक्षण और डिजाइनिंग पूरी होने के बाद रेलवे को संबंधित रेलखंडों पर आगे की तकनीकी योजना बनाने में सहायता मिलेगी।
इस निविदा में केवल मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेलखंड ही नहीं, बल्कि नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी, मानसी-खगड़िया और गोल्डिंगंज-कटिहार रेलखंडों को भी शामिल किया गया है। इन सभी रेलखंडों पर विद्युत लाइनों, ईएचटी क्रॉसिंग और ओवरहेड उपकरणों से जुड़े तकनीकी पहलुओं का सर्वेक्षण एवं डिजाइन तैयार किया जाएगा। इससे संबंधित रेलखंडों पर प्रस्तावित दोहरीकरण और विद्युतीकरण की योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक तकनीकी आधार तैयार करने में मदद मिलेगी।
रेलवे ने चयनित एजेंसी को निर्धारित कार्य पूरा करने के लिए 36 महीने का समय दिया है। निविदा से संबंधित विस्तृत जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। हालांकि, यह टेंडर मुख्य रूप से सर्वेक्षण और डिजाइनिंग से जुड़े तकनीकी कार्यों के लिए है। इसलिए इसे मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेलखंड के दोहरीकरण का निर्माण कार्य शुरू होने या पूरा होने की निश्चित तारीख के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेलखंड उत्तर बिहार के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है। इस रेलखंड पर दोहरीकरण और विद्युतीकरण की योजनाओं को आगे बढ़ाने से भविष्य में रेल परिचालन क्षमता बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की संभावनाएं बन सकती हैं। अब यात्रियों की नजर इस बात पर रहेगी कि तकनीकी तैयारियों के बाद संबंधित परियोजनाओं को लेकर रेलवे की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
