मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
मानसून की विदाई के बाद एक बार फिर मौसम में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। 12 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में बारिश, तेज आंधी और वज्रपात को लेकर मौसम संबंधी चेतावनियों की चर्चा है। हालांकि, 24 राज्यों में मूसलाधार बारिश और 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के दावे की आधिकारिक पुष्टि के बिना इसे निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।
बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में मौसम बदलने पर लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। तेज हवा चलने की स्थिति में पेड़ों की डालियां टूटने, कमजोर पेड़ों के गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा रहता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।
बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। यदि संबंधित जिलों के लिए बारिश, गरज-चमक या तेज हवा का अलर्ट जारी होता है, तो लोगों को खुले मैदानों, बिजली के खंभों और बड़े पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों को भी फसलों की कटाई, भंडारण और कृषि कार्यों के दौरान मौसम की स्थिति का ध्यान रखना चाहिए।
पहाड़ी राज्यों में बारिश के दौरान भूस्खलन और पहाड़ी रास्तों पर मलबा गिरने का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत में गरज-चमक और वज्रपात की आशंका होने पर लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। समुद्र में खराब मौसम की चेतावनी जारी होने पर मछुआरों को संबंधित प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
यात्रा से पहले मौसम का अपडेट जरूर देखें
12 अक्टूबर को यात्रा करने की योजना बना रहे लोगों को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलने से पहले अपने जिले का मौसम पूर्वानुमान जरूर जांच लें। तेज बारिश या आंधी की चेतावनी होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें। बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में रहने से बचें और सुरक्षित इमारत में शरण लें।
ध्यान रहे कि अलग-अलग जिलों में मौसम की स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए किसी भी राज्य में बारिश, आंधी, ओलावृष्टि या बर्फबारी की संभावना के बारे में जानकारी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की आधिकारिक चेतावनियों को प्राथमिकता दें।
मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू