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सुपौल में टेलीकॉम टावर से 5.87 करोड़ के फाइबर कार्ड चोरी, चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
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October 05, 2026
सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र में टेलीकॉम टावर से करोड़ों रुपये कीमत के फाइबर कार्ड चोरी होने का मामला सामने आया है। पिपरा बाजार स्थित कंपनी के टावर से कुल 66 फाइबर कार्ड चोरी किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत कंपनी ने 5 करोड़ 87 लाख 74 हजार 94 रुपये बताई है। मामले में पेरीग्रीन गार्डिंग प्राइवेट लिमिटेड के सीनियर ऑपरेशन मैनेजर सुशांत कुमार सिंह के आवेदन पर पिपरा थाना कांड संख्या 354/26 दर्ज किया गया है।
कंपनी के आवेदन के अनुसार, 1 अक्टूबर की रात करीब 1:30 बजे पिपरा बाजार स्थित टावर से 66 कीमती फाइबर कार्ड गायब कर दिए गए। चोरी हुए सामान में 2 सीसीएमडी12सी, 9 डब्लूएलएआईएमओटीआ, 50 एसएफपी मॉड्यूल, 2 एएसआर9900 और 3 एएसआर9000 कार्ड शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक इन सभी कार्डों की कुल अनुमानित कीमत करीब 5.87 करोड़ रुपये है।
पेरीग्रीन गार्डिंग प्राइवेट लिमिटेड इंडस टॉवर से संबंधित कार्य करती है और बिहार तथा झारखंड में टेलीकॉम ऑपरेटरों के अनुरोध पर टावर स्थापित करने के साथ आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराती है। कंपनी के अनुसार, चोरी की जानकारी फाइबर टीम के कर्मी राहुल कुमार ने टेक्नीशियन सीतांशु कुमार को दी। इसके बाद सीतांशु ने साइट पर तैनात गार्ड विक्रम कुमार को टावर डाउन होने की जानकारी दी।
सूचना मिलने के बाद जब गार्ड विक्रम कुमार मौके पर पहुंचा तो टावर का गेट और शेल्टर खुला हुआ था। मौके पर फाइबर टीम के कर्मी अभिषेक कुमार के साथ एक अन्य व्यक्ति मौजूद था। दोनों के बीच फाइबर कार्ड चोरी होने को लेकर बातचीत हो रही थी।
कंपनी ने पुलिस को बताया है कि संबंधित साइट की चाबी गार्ड विक्रम कुमार और फाइबर टीम के कर्मी राहुल कुमार के पास रहती है। ऐसे में कंपनी के अधिकारी ने आवेदन में दोनों की गतिविधियों पर भी संदेह जताया है। हालांकि, यह महज आवेदन में जताया गया संदेह है और मामले में पुलिस की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कंपनी के अधिकारी ने चोरी के पीछे किसी बड़े गिरोह के सक्रिय होने की आशंका भी जताई है। आवेदन में आशंका व्यक्त की गई है कि टेलीकॉम टावरों में इस्तेमाल होने वाले महंगे कार्डों की चोरी करने वाला कोई अंतरराष्ट्रीय गिरोह हो सकता है और चोरी किए गए कार्डों को दूसरे देशों में बेचा जाता हो। पुलिस अब इस पहलू को भी जांच के दायरे में लेकर आगे बढ़ सकती है।
चोरी की घटना वाली साइट का नाम बीएचपीआईपी-02 इन-2004504 बताया गया है। यह साइट पिपरा बाजार में ईश्वरी चौधरी और कारी यादव की जमीन पर स्थित है। मामले में कंपनी के सीनियर ऑपरेशन मैनेजर ने संबंधित लोगों के मोबाइल नंबर भी पुलिस को उपलब्ध कराए हैं।
घटना के चार दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस जांच में अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आने की बात कही गई है। करोड़ों रुपये के फाइबर कार्ड चोरी होने से मामला गंभीर बना हुआ है। अब पुलिस के तकनीकी अनुसंधान, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतनी बड़ी चोरी को किसने और किस तरह अंजाम दिया।
मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू
संपादक: रोहित कुमार सोनू
