मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू, संपादक
बिहार का लोकप्रिय डेयरी ब्रांड सुधा अब राज्य की सीमाओं को पार कर देश के दूसरे हिस्सों में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसी कड़ी में असम के सोनितपुर में सुधा डेयरी के नए अत्याधुनिक प्लांट की औपचारिक शुरुआत हुई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस प्लांट का उद्घाटन किया। इस पहल को बिहार के सहकारी डेयरी मॉडल के विस्तार और सुधा ब्रांड की बढ़ती पहुंच के रूप में देखा जा रहा है।
बिहार राज्य दुग्ध सहकारी संघ लिमिटेड (कॉम्फेड) के संचालन में चलने वाला सुधा डेयरी लंबे समय से बिहार के लाखों लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा हुआ है। दूध, दही, घी, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों के माध्यम से इस ब्रांड ने उपभोक्ताओं के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। अब असम में नए प्लांट की शुरुआत से पूर्वोत्तर भारत में भी सुधा की उपस्थिति बढ़ने की उम्मीद है।
सुधा डेयरी की सफलता के पीछे सहकारी व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस व्यवस्था के माध्यम से पशुपालकों से दूध संग्रह किया जाता है और उसे प्रसंस्कृत कर बाजार तक पहुंचाया जाता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने, पशुपालकों को बाजार उपलब्ध कराने और डेयरी क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिलती है।
असम के सोनितपुर में नए प्लांट की शुरुआत से स्थानीय स्तर पर दुग्ध उत्पादन और प्रसंस्करण की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। यदि स्थानीय पशुपालकों को इस व्यवस्था से जोड़ा जाता है, तो उन्हें दूध की बिक्री के लिए बेहतर अवसर मिल सकते हैं। साथ ही, उपभोक्ताओं तक डेयरी उत्पादों की आपूर्ति को अधिक व्यवस्थित बनाने में भी मदद मिल सकती है।
बिहार में सहकारी डेयरी क्षेत्र की पहचान बन चुका सुधा अब दूसरे राज्यों में भी अपने कारोबार का विस्तार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। असम में नए प्लांट की शुरुआत इस विस्तार की महत्वपूर्ण कड़ी है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सुधा डेयरी पूर्वोत्तर के बाजार में किस तरह अपनी जगह बनाती है और स्थानीय पशुपालकों को इससे कितना लाभ मिलता है।
मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू, संपादक