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समस्तीपुर रेल मंडल में नकली सोना देकर ठगी करने वाले अंतरप्रांतीय गिरोह का पर्दाफाश, पिता और दो बेटों समेत तीन गिरफ्तार
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October 07, 2026
समस्तीपुर। समस्तीपुर रेल मंडल में आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) ने ट्रेनों में यात्रियों को झांसा देकर ठगी करने वाले एक अंतरप्रांतीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर यात्रियों से असली रुपये लेकर बदले में नकली सोना थमाने वाले पिता और उसके दो बेटों समेत तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान समस्तीपुर जिले के हसनपुर थाना क्षेत्र के हसनपुर वार्ड नंबर 9 निवासी मोहम्मद यूनुस और उसके दो बेटों मोहम्मद दाऊद (24) तथा मोहम्मद गुड्डू (25) के रूप में हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, मोहम्मद यूनुस अपने दोनों बेटों के साथ समस्तीपुर के धर्मपुर इलाके में किराए के मकान में रहता था। आरोप है कि यहीं से तीनों मिलकर ट्रेनों में यात्रियों को ठगी का शिकार बनाने की योजना तैयार करते थे। गिरोह के सदस्य आम यात्रियों की तरह ट्रेन में सफर करते और अपने साथ पीले प्लास्टिक में लिपटी पीतल या अन्य पीली धातु से बनी नकली सोने की वस्तु रखते थे। इसके बाद बोगी में यात्रियों के बीच ऐसा माहौल बनाया जाता था कि आसपास बैठे लोग कम कीमत में सोना खरीदने के लालच में आ जाएं।
आरपीएफ की जांच में गिरोह के ठगी करने के तरीके का भी खुलासा हुआ है। बताया गया कि गिरोह का एक सदस्य ट्रेन में नकली खरीदार बनने का नाटक करता था। आरोपियों के पास पहले से नकली नोटों की गड्डियां रहती थीं। गिरोह का एक सदस्य पिता-पुत्र से नकली नोट देकर बेहद कम कीमत पर पीला सोना खरीदने का दिखावा करता था। आसपास बैठे यात्रियों को जब यह लगता कि बेहद कम कीमत में सोना मिल रहा है तो वे लालच में आ जाते थे। इसके बाद गिरोह के सदस्य यात्रियों से असली रुपये लेकर उन्हें नकली सोना थमा देते थे।
दरभंगा से यात्रा कर रही एक महिला यात्री के साथ इसी तरीके से ठगी किए जाने के बाद मामला आरपीएफ तक पहुंचा। महिला ने लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद आरपीएफ मंडल सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर सघन चेकिंग अभियान चलाते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और आखिरकार तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
इस कार्रवाई में आरपीएफ इंस्पेक्टर अविनाश क्रोशिया, सब इंस्पेक्टर शशिकांत तिवारी, राधेश्याम, जितेंद्र कुमार और सीआईबी के मुकेश रंजन की टीम की भूमिका बताई गई है। गिरफ्तार आरोपियों की तलाशी के दौरान चोरी का एक मोबाइल भी बरामद किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मोबाइल चोरी की घटना में भी इनकी क्या भूमिका थी।
मामले की पुष्टि करते हुए जीआरपी थाना अध्यक्ष बीरबल कुमार ने बताया कि पीड़ित महिला की शिकायत और आरपीएफ की कार्रवाई के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार मोहम्मद यूनुस और उसके दोनों बेटों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, इनके पिछले आपराधिक रिकॉर्ड और ट्रेनों में की गई अन्य ठगी की घटनाओं के बारे में जानकारी जुटा रही है। आरपीएफ की इस कार्रवाई से रेल यात्रियों को ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। यात्रियों से भी अपील की जा रही है कि ट्रेन में किसी अनजान व्यक्ति के बहकावे में आकर कम कीमत में सोना या अन्य कीमती सामान खरीदने का लालच न करें और संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल रेलवे सुरक्षा बल या जीआरपी को सूचना दें।
मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू
संपादक: रोहित कुमार सोनू
