बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के राम मंदिर निर्माण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आवास योजना को लेकर दिए गए बयान पर सियासी बहस तेज हो गई है। पटना के ज्ञान भवन में भाजपा के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ रंगोली कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राम मंदिर निर्माण को भाजपा के संकल्प और वैचारिक प्रतिबद्धता से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी अपनी बात की पक्की है और जो वादा करती है, उसे पूरा करती है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आवास योजना का जिक्र करते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री करीब पांच करोड़ गरीबों को पक्के मकान उपलब्ध करा रहे थे, तब प्रभु श्रीराम भी इंतजार कर रहे थे कि ‘मोदी जी, हमको घर कब दोगे।’ उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
चौधरी ने राम मंदिर के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम करीब 400 वर्षों से टेंट में इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा के मूल एजेंडे में भले ही शुरुआत में राम मंदिर का मुद्दा शामिल नहीं रहा हो, लेकिन पार्टी ने इसे अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता और संकल्प से जोड़ लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में समझौते हो सकते हैं, लेकिन भाजपा की नीति नहीं बदलती। पार्टी जो संकल्प लेती है, उसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध रहती है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण को इसी संकल्प का उदाहरण बताते हुए भाजपा की राजनीतिक विचारधारा और उसके वादों को रेखांकित किया।
सम्राट चौधरी के ‘मोदी जी, हमको घर कब दोगे’ वाले बयान ने अब राजनीतिक चर्चा को और गरमा दिया है। विपक्ष की ओर से इस बयान को लेकर सवाल उठाए जाने की संभावना के बीच भाजपा की ओर से इसे प्रधानमंत्री की योजनाओं और राम मंदिर निर्माण को जोड़कर पार्टी के संकल्प को बताने वाला बयान बताया जा रहा है।