मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू
अयोध्या में दसवें दीपोत्सव को ऐतिहासिक और भव्य बनाने की तैयारियां पूरी जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार दीपोत्सव में 2100 स्वदेशी ड्रोन के जरिए आसमान में भगवान श्रीराम की जीवनगाथा के अद्भुत दृश्य प्रदर्शित किए जाएंगे। करीब 15 मिनट तक चलने वाला यह ड्रोन शो आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगा। पिछले वर्ष 1100 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन इस बार इनकी संख्या लगभग दोगुनी कर दी गई है।
सरयू तट पर 2147 प्रतिभागियों के साथ भव्य महाआरती का आयोजन प्रस्तावित है। इसके अलावा रामायण के सात कांडों पर आधारित 22 आकर्षक झांकियां निकाली जाएंगी। पांच देशों के कलाकार रामलीला का मंचन करेंगे, जबकि करीब 2500 कलाकार विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुति देंगे।
इस बार दीपोत्सव में पहली बार ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके माध्यम से श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन पर रामायण के पांच प्रमुख प्रसंगों को 3D रूप में देख सकेंगे। इसके लिए राम की पैड़ी पर विशेष स्थान निर्धारित किए गए हैं। वहीं, आठ मिनट का लेजर शो, प्रोजेक्शन मैपिंग और संगीतमय आतिशबाजी भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र होगी।
राम की पैड़ी और सरयू नदी के 56 घाटों पर लगभग 35 हजार छात्र और स्वयंसेवक दीप प्रज्ज्वलन की तैयारियों में जुटे हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम 6 बजे से 7:35 बजे के बीच दीप जलाने और अन्य आयोजन होंगे। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के शामिल होने का कार्यक्रम है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीराम के 14 वर्षों का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटने की खुशी में नगरवासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था। इसी परंपरा को दीपोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस बार आयोजन 9 नवंबर तक चलेगा। स्थानीय निवासियों के लिए 9 नवंबर को विशेष ड्रोन शो आयोजित करने की भी योजना है।
गौरतलब है कि वर्ष 2017 में लगभग 1.71 लाख दीयों से शुरू हुआ अयोध्या का दीपोत्सव अब 30 लाख दीयों तक पहुंच चुका है। पिछले वर्ष 26.17 लाख दीये जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था। इस बार एक नया रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू