बिहार के मधुबनी जिले के बाबूबरही प्रखंड स्थित बलिराजगढ़ में पुलिस की गोली से ग्रामीण अशोक यादव की मौत के बाद तनाव की स्थिति बनी हुई है। घटना से आक्रोशित ग्रामीण लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सड़क जाम कर प्रदर्शन कर रहे लोगों का गुस्सा उस समय और बढ़ गया, जब पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा और एसपी योगेंद्र कुमार को भी विरोध का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के बाद डीएम और एसपी मृतक अशोक यादव के घर पहुंचे थे। वहां पीड़ित परिवार से बातचीत के दौरान एक महिला ने जिलाधिकारी का कॉलर पकड़ लिया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरातफरी मच गई। इसके बाद अधिकारियों के सुरक्षा गार्डों और पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए डीएम और एसपी को सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की है। रिपोर्ट के मुताबिक, मौके पर बिहार पुलिस और बीएमपी के 500 से अधिक जवानों के साथ मधुबनी और दरभंगा जिले के पुलिस अधिकारी भी कैंप कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से स्थिति को सामान्य बनाने और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
गौरतलब है कि बलिराजगढ़ पुलिस पिकेट पर तैनात एएसआई की गोली लगने से ग्रामीण अशोक यादव की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी है। ग्रामीणों की मांग है कि गोली चलाने वाले पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
प्रशासन की ओर से दोषी पुलिस पदाधिकारी पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, ग्रामीणों का आक्रोश अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। समाचार लिखे जाने तक बलिराजगढ़ में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था।
मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू
संपादक: रोहित कुमार सोनू
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