मिथिला हिन्दी न्यूज :-हमारे पास में कई लोगो का यह प्रश्न अधिकतर होता है कि क्या वास्तव में पूजा पाठ या मंत्र का प्रभाव है? अगर पूजा पाठ या मंत्र का प्रभाव है तो हमने पूजा पाठ किया मंत्र का जाप किया या पूजा पाठ या मंत्र का जाप कराया फिर भी हमे लाभ क्यों नहीं मिलता?
दोस्तो हमने पहले भी कहा था और अभी भी कह रहे है कि पूजा पाठ या मंत्र जाप करने या करा लेने से कुछ भी नहीं हो सकता।
पूजा पाठ या मंत्र शक्ति के सकारात्मक प्राप्ति हेतु इसमें मानसिक एकाग्रता—चारित्रिक श्रेष्ठता एवं अभीष्ट लक्ष्य में अटूट श्रद्धा के चार तथ्य का समावेश होता है। मन्त्र शक्ति से कितने ही प्रकार के चमत्कार एवं वरदान उपलब्ध हो सकते हैं यह सत्य है, पर उसके साथ ही यह तथ्य भी जुड़ा हुआ है कि वह मन्त्र उपरोक्त चार परीक्षाओं की अग्नि में उत्तीर्ण हुआ होना चाहिए। प्रयोग करने से पूर्व उसे सिद्ध करना पड़ता है। सिद्धि के लिए साधना आवश्यक है और साधना के चार चरण हैं जो उपरोक्त में है।
मन्त्र साधक को नियमों का अनुशासन पालन करते हुए चारित्रिक श्रेष्ठता का अभिवर्धन करना चाहिए। क्रूरकर्मी, दुष्ट−दुराचारी या दूषित मानसिकता के व्यक्ति किसी भी मन्त्र को सिद्ध नहीं कर सकते और न ही मंत्र के सकारात्मकता की प्राप्ति ही कर सकते।
इन्द्रियों का चटोरापन मन की चंचलता का प्रधान कारण है। तृष्णाओं में—वासनाओं में और अहंकार तृप्ति की महत्वाकाँक्षाओं में भटकने वाला मन मृग−तृष्णा एवं कस्तूरी गन्ध में यहाँ−वहाँ असंगत दौड़ लगाते रहने वाले तरह है। मन की एकाग्रता अध्यात्म क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है। जिसने मन को संयत समाहित करने की आवश्यकता पूर्ण कर सकने योग्य अन्तःस्थिति का परिष्कृत दृष्टिकोण के आधार पर निर्माण किया होगा वही सच्ची और गहरी एकाग्रता का लाभ उठा सकेगा। ध्यान उसी का ठीक तरह जमेगा और तन्मयता के आधार पर उत्पन्न होने वाली दिव्य क्षमताओं से लाभान्वित होने का अवसर उसी को मिलेगा। मै अपने अनुभवों के आधार उपरोक्त को समझते हुए कहा सकता हूं कि पूजा पाठ और मंत्र के शक्ति को प्रत्यक्ष अनुभव किया जा सकता है। मंत्र जागृत अवस्था में लाने हेतु और इसका लाभ प्राप्त करने हेतु संयम के साथ अनुशासन पालन पर विशेष ध्यान देना होता है। आज अधिकतर देख रहा हूं कि पूजा पाठ या मंत्र जाप करना,करा लेना या करवा देना जैसे दिखावा करने लगे है जो उचित नहीं। पूजा पाठ या मंत्र जाप कोई खेल नहीं है अन्यथा इसका सकारात्मक तो दूर,उल्टा नकारात्मक प्रभाव ही मिल सकता है अतः हमारे उपरोक्त बातो पर ध्यान देकर आगे बढ़े,निश्चित कल्याण संभव है।
नोट - ज्योतिष,हस्तलिखत जन्म कुंडली, वास्तु, पूजा पाठ, माहा मृत्युंजय जाप एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए संपर्क कर सकते है।