सीतामढ़ी: रीगा चीनी मिल में 2026 पेराई सत्र की तैयारी, रोजाना 5000 मीट्रिक टन गन्ने की होगी खपत

संवाद 

सीतामढ़ी जिले के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। रीगा स्थित ऐतिहासिक चीनी मिल में वर्ष 2026 के पेराई सत्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मिल परिसर से धुआं उठता देख गन्ना किसानों के चेहरों पर एक बार फिर रौनक लौट आई है। यह संकेत है कि जल्द ही पेराई कार्य औपचारिक रूप से शुरू होने वाला है।

रीगा चीनी मिल प्रबंधन के अनुसार, इस पेराई सत्र में प्रतिदिन लगभग 5000 मीट्रिक टन गन्ने की खपत की जाएगी। इससे न सिर्फ सीतामढ़ी जिले के गन्ना उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा, बल्कि आसपास के जिलों—मुजफ्फरपुर, शिवहर, मधुबनी और पूर्वी चंपारण—के किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

पेराई सत्र शुरू होने से किसानों को समय पर गन्ना बेचने का अवसर मिलेगा, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। बीते वर्षों में मिल बंद रहने या देरी से शुरू होने के कारण किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।

स्थानीय किसानों का कहना है कि चीनी मिल चालू होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। गन्ना ढुलाई, मजदूरी और अन्य सहायक कार्यों से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।

अब सभी की निगाहें मिल के विधिवत उद्घाटन और पेराई कार्य के शुभारंभ पर टिकी हैं, जिससे क्षेत्र के किसानों को उनका मेहनत का उचित मूल्य मिल सके।

गन्ना किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी ऐसी ही अहम खबरों के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज

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