डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों में किडनी खराब होने का खतरा आम लोगों की तुलना में कई गुना अधिक होता है। लंबे समय तक ब्लड शुगर का असंतुलित रहना धीरे-धीरे किडनी की नलिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिसे डायबिटिक नेफ्रोपैथी कहा जाता है। चिंता की बात यह है कि किडनी फेल होने से पहले शरीर कई संकेत देता है, लेकिन जानकारी के अभाव में लोग इन्हें मामूली मानकर अनदेखा कर देते हैं।
किडनी फेल होने से पहले दिखने वाले प्रमुख लक्षण
1. पैरों, टखनों और चेहरे पर सूजन
यदि सुबह उठते ही आंखों के आसपास या पैरों में सूजन दिखे, तो यह किडनी की कार्यक्षमता कम होने का संकेत हो सकता है।
2. बार-बार या कम पेशाब आना
कभी बहुत ज्यादा तो कभी बहुत कम पेशाब आना, या पेशाब का रंग झागदार होना किडनी डैमेज का शुरुआती लक्षण है।
3. लगातार थकान और कमजोरी
किडनी ठीक से काम न करे तो शरीर में टॉक्सिन जमा होने लगते हैं, जिससे अत्यधिक थकान महसूस होती है।
4. भूख कम लगना और उल्टी जैसा महसूस होना
खाना देखकर मन न लगना, मतली या उल्टी की समस्या किडनी की परेशानी से जुड़ी हो सकती है।
5. सांस फूलना
शरीर में अतिरिक्त तरल जमा होने पर फेफड़ों पर असर पड़ता है, जिससे हल्का काम करने पर भी सांस फूलने लगती है।
6. त्वचा में खुजली और रूखापन
किडनी द्वारा अपशिष्ट बाहर न निकल पाने पर त्वचा पर खुजली और रूखापन बढ़ जाता है।
7. हाई ब्लड प्रेशर का बढ़ना
डायबिटीज के साथ अचानक ब्लड प्रेशर का नियंत्रण से बाहर होना किडनी खराब होने का संकेत हो सकता है।
डायबिटीज मरीज क्या सावधानी बरतें?
- नियमित रूप से ब्लड शुगर, यूरिन और किडनी फंक्शन टेस्ट कराएं
- नमक और प्रोटीन का सेवन डॉक्टर की सलाह से करें
- पर्याप्त पानी पिएं
- किसी भी लक्षण को हल्के में न लें और तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें
समय रहते इन लक्षणों की पहचान और सही इलाज से किडनी फेल होने की स्थिति से बचा जा सकता है।
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