बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कमजोर प्रदर्शन करने वाले प्रखंड अध्यक्षों और जिलाध्यक्षों पर सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया है। इसी कड़ी में उन्होंने जिला पर्यवेक्षकों को ऐसे पदाधिकारियों की सूची तैयार करने का टास्क सौंपा है।
सूत्रों के मुताबिक, चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई है कि कई जिलों और प्रखंडों में संगठनात्मक कमजोरी और निष्क्रियता के कारण पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा। इसे देखते हुए प्रदेश नेतृत्व अब जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने की तैयारी में है।
प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने स्पष्ट किया है कि जिन जिलों और प्रखंडों में संगठन अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया, वहां नेतृत्व परिवर्तन किया जा सकता है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि सूची तैयार होने के बाद कमजोर पदाधिकारियों को हटाकर नए और सक्रिय चेहरों को जिम्मेदारी दी जाएगी।
कांग्रेस के इस कदम को आगामी चुनावों की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। संगठन में कसावट लाने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने के उद्देश्य से यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है।
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