पटना। पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पुर्णेंदु सिंह की अदालत ने तिरहुत प्रमंडल मुजफ्फरपुर के तत्कालीन सहायक निबंधन महानिरीक्षक (एआईजी) प्रशांत कुमार के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी को निरस्त कर दिया है। अदालत के इस फैसले से प्रशांत कुमार को बड़ी कानूनी राहत मिली है।
मामले में विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) की ओर से दर्ज एफआईआर को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब एसवीयू ने इस न्यायादेश पर असंतोष व्यक्त किया है। एसवीयू ने स्पष्ट किया है कि वह हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी और इसके लिए विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर करने का निर्णय लिया गया है।
कानूनी जानकारों का मानना है कि अब इस मामले में अगला महत्वपूर्ण पड़ाव सुप्रीम कोर्ट होगा, जहां यह तय होगा कि हाईकोर्ट का आदेश बरकरार रहता है या नहीं। फिलहाल, हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रशांत कुमार के खिलाफ दर्ज एफआईआर प्रभावी नहीं रहेगी।
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