साल का आखिरी शुक्रवार धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित होता है और साल के अंतिम शुक्रवार को की गई पूजा-पाठ व शुभ कार्यों का फल पूरे आने वाले वर्ष तक मिलता है। ऐसे में यदि इस दिन कुछ खास उपाय किए जाएं, तो नए साल में धन, सुख, शांति और तरक्की का मार्ग प्रशस्त होता है।
मां लक्ष्मी की विशेष पूजा का महत्व
आखिरी शुक्रवार को सुबह उठकर घर की अच्छी तरह सफाई करना चाहिए। इसके बाद पूजा स्थल पर मां लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित कर घी का दीपक जलाएं। लाल या गुलाबी फूल अर्पित करें और श्रीसूक्त, लक्ष्मी चालीसा या लक्ष्मी मंत्र का पाठ करें। मान्यता है कि इससे आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और घर में स्थायी धन का वास होता है।
दान से मिलती है विशेष पुण्य
इस दिन जरूरतमंदों को दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। सफेद वस्त्र, चावल, दूध, चीनी या महिलाओं को सुहाग का सामान दान करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। दान से न सिर्फ पुण्य की प्राप्ति होती है, बल्कि जीवन में चल रही परेशानियां भी धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं।
शाम को दीपक जलाने की परंपरा
शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना शुभ फल देता है। दीपक में थोड़ा सा कपूर मिलाने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारात्मकता का संचार होता है। यह उपाय घर में सुख-शांति बनाए रखने में सहायक माना जाता है।
आत्मचिंतन और क्षमा प्रार्थना
साल के अंतिम शुक्रवार को बीते साल की गलतियों पर विचार कर ईश्वर से क्षमा मांगना चाहिए। मन ही मन यह संकल्प लें कि नए साल में गलतियों से सीख लेकर बेहतर जीवन की शुरुआत करेंगे। इससे मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ता है।
शुभ रंग और संयमित व्यवहार
इस दिन सफेद, गुलाबी या हल्के रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। साथ ही वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखें। कहा जाता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहती है।
नए साल के लिए संकल्प
आखिरी शुक्रवार को नए साल के लिए लक्ष्य तय करना और बुरी आदतें छोड़ने का संकल्प लेना बेहद लाभकारी होता है। इससे आने वाला वर्ष सकारात्मक ऊर्जा और सफलता से भरा रहता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साल के आखिरी शुक्रवार को श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए ये छोटे-छोटे उपाय जीवन में बड़े बदलाव ला सकते हैं।
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