पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने नाथूराम गोडसे का नाम लिए बिना बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। मनोज झा ने कहा कि किसी के नाम में राम होना कई तरह की चीजों का लाइसेंस नहीं हो सकता। उनका इशारा साफ तौर पर उन ताकतों की ओर था, जो राम के नाम पर राजनीति करने का आरोप झेलती रही हैं।
मनोज झा ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “जय राम जी बिल” के नाम पर सरकार रोजगार को अधिकार की तरह देखने वाले मनरेगा कानून को कमजोर कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा जैसे कानून, जिसने गरीबों और मजदूरों को सम्मान के साथ काम करने का अधिकार दिया, उसे धीरे-धीरे निष्प्रभावी किया जा रहा है।
राजद सांसद ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं बल्कि सामाजिक न्याय और आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। इसे कमजोर करना सीधे तौर पर ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और वंचित वर्गों पर हमला है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार सच में रामराज्य की बात करती है तो रोजगार और न्याय जैसे मुद्दों से पीछे क्यों हट रही है।
मनोज झा के इस बयान के बाद बिहार की सियासत में एक बार फिर गर्माहट आ गई है। बीजेपी और एनडीए पर अप्रत्यक्ष हमला मानते हुए राजनैतिक गलियारों में इस बयान की व्यापक चर्चा हो रही है।
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