महंगाई की मार: दिहाड़ी मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने पर सरकार कर सकती है बड़ा ऐलान


देशभर के दिहाड़ी मजदूरों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों श्रमिक लंबे समय से मजदूरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। लगातार बढ़ती महंगाई ने मजदूर वर्ग की कमर तोड़ दी है, लेकिन मजदूरी दरें वर्षों से लगभग स्थिर बनी हुई हैं। खाने-पीने की चीजों के दाम, किराया, बच्चों की पढ़ाई और इलाज का खर्च बढ़ने से मजदूरों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

मजदूर संगठनों का कहना है कि मौजूदा मजदूरी दर में परिवार का भरण-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है। यही वजह है कि उन्होंने सरकार से कई बार अपील की है कि मजदूरी दरों में समय रहते बढ़ोतरी की जाए, ताकि मजदूर सम्मानजनक जीवन जी सकें। यह मुद्दा दिसंबर 2025 तक लगातार चर्चा में बना हुआ है और देशभर में श्रमिक संगठनों ने इसे लेकर आवाज बुलंद की है।

मजदूरों की मांग को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने इस दिशा में पहल शुरू कर दी है। नवंबर 2025 में मजदूरी दरों में संशोधन को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें श्रम विभाग सहित विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में महंगाई की वर्तमान स्थिति, न्यूनतम मजदूरी और मजदूरों की आर्थिक हालत पर विस्तार से चर्चा की गई।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, सरकार का मानना है कि बढ़ती कीमतों के बीच मजदूरों की आय में सुधार करना बेहद जरूरी है। इससे न केवल मजदूरों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक देश की रीढ़ माने जाते हैं और उनकी अनदेखी अब संभव नहीं है।

माना जा रहा है कि दिसंबर 2025 तक सरकार मजदूरी दरों में बढ़ोतरी को लेकर अंतिम घोषणा कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो यह फैसला करोड़ों मजदूरों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

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