पटना। बिहार में जमीन और मकान की रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए राज्य सरकार ने नए नियम लागू कर दिए हैं। अब 10 लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य की संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए PAN कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। यदि किसी पक्ष के पास PAN कार्ड उपलब्ध नहीं है, तो उसे आयकर विभाग द्वारा निर्धारित Form-60 या Form-61 जमा करना होगा।
नए प्रावधानों के तहत राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों को निर्देश दिया गया है कि उच्च मूल्य की संपत्ति से जुड़ी रजिस्ट्री की पूरी जानकारी आयकर विभाग को अनिवार्य रूप से भेजी जाए। इसी क्रम में आयकर विभाग ने बिहार के कई सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को नोटिस जारी कर नियमों के सख्त अनुपालन का निर्देश दिया है।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से जमीन की खरीद-फरोख्त में होने वाले फर्जीवाड़े, बेनामी लेन-देन और काले धन के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगेगी। साथ ही, बड़े नकद लेन-देन पर निगरानी रखना भी आसान होगा।
निबंधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नए नियमों का उल्लंघन करने पर रजिस्ट्री प्रक्रिया रोक दी जा सकती है। दस्तावेज पूरे नहीं होने या निर्धारित फॉर्म जमा नहीं किए जाने की स्थिति में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि रजिस्ट्री से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।
जमीन और मकान की रजिस्ट्री व्यवस्था में यह बदलाव राज्य में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
राज्य, बिहार और ज़मीनी खबरों के लिए पढ़ते रहिए — मिथिला हिन्दी न्यूज