सहरसा जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi) को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई है। जिले में जहां 2.28 लाख किसान इस योजना का लाभ ले रहे हैं, वहीं अब तक केवल 21,946 किसानों का ही फार्मर रजिस्ट्रेशन हो सका है। यह आंकड़ा प्रशासन और सरकार दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि अधिकांश किसानों के पास अपने नाम पर जमाबंदी नहीं है। संयुक्त जमाबंदी या पारिवारिक जमीन होने के कारण किसान फार्मर रजिस्ट्रेशन कराने से वंचित रह जा रहे हैं। जबकि ई-केवाईसी (E-KYC) की प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान है, लेकिन जमीन से जुड़े दस्तावेज पंजीकरण में सबसे बड़ी बाधा बन रहे हैं।
कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अगर सरकार ने नियमों में ढील नहीं दी, तो जिले के करीब दो लाख किसान न सिर्फ किसान सम्मान निधि, बल्कि अन्य कृषि योजनाओं के लाभ से भी बाहर हो सकते हैं। इससे छोटे और सीमांत किसानों पर सीधा आर्थिक असर पड़ेगा।
किसानों का कहना है कि वे लगातार अंचल कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन जमाबंदी सुधार की प्रक्रिया जटिल और धीमी है। अब किसानों को उम्मीद है कि सरकार इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए कोई व्यावहारिक समाधान निकालेगी।
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