सहरसा। नेशनल ई-गवर्नेस प्लान (कृषि) के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री को लेकर शुक्रवार को सहरसा जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर समाहर्त्ता राजस्व, जिला कृषि पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी अंचलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में राजस्व कर्मियों, कृषि समन्वयकों एवं किसान सलाहकारों के साथ समन्वय स्थापित कर शनिवार से ही पंचायत एवं राजस्व ग्रामों में मौजूद रहकर किसानों का ई-केवाईसी और फार्मर आईडी बनाना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रतिदिन प्रति कर्मी कम से कम 40 ई-केवाईसी एवं फार्मर आईडी तैयार कर अपराह्न 4 बजे तक प्रतिवेदन जिला कृषि कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए। यह प्रतिवेदन प्रखंड कृषि पदाधिकारी द्वारा जैविक पदाधिकारी अनुष्का आनंद को सौंपा जाएगा, जिसे संकलित कर जिला कृषि पदाधिकारी को उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि जिले के लिए निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 20 जनवरी तक शत-प्रतिशत ई-केवाईसी और फार्मर आईडी का कार्य पूर्ण किया जाए।
इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे। इससे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ बिना अतिरिक्त सत्यापन के प्राप्त होगा। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कृषि उत्पादों की बिक्री प्रक्रिया सरल होगी। फसल क्षति की स्थिति में वास्तविक नुकसान का मुआवजा पाने में सुविधा होगी, क्योंकि प्रत्येक किसान की एक डिजिटल पहचान सुनिश्चित होगी। साथ ही, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ लेने में भी आसानी होगी।
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