पटना हाईकोर्ट ने बिहार के विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा करीब 70 हजार करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूसी) जमा नहीं किए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को पूरी जानकारी उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। इस मामले की सुनवाई मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू और न्यायमूर्ति मोहित कुमार शाह की खंडपीठ ने की।
यह सुनवाई किशोर कुमार की ओर से दायर जनहित याचिका पर हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि राज्य के कई विभागों ने केंद्र और राज्य योजनाओं के तहत खर्च की गई राशि के बावजूद लंबे समय से उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा नहीं किए हैं, जिससे वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
खंडपीठ ने राज्य सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि किन-किन विभागों द्वारा कितनी राशि के उपयोगिता प्रमाणपत्र लंबित हैं, अब तक क्यों नहीं जमा किए गए और इस दिशा में सरकार ने क्या कार्रवाई की है। कोर्ट ने इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने संकेत दिया कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो आगे सख्त रुख अपनाया जा सकता है। इस आदेश के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
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