उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से विद्युत विभाग का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां बिजली की लाइनें बिछाने और चालू करने के महज आठ दिन बाद ही विभाग उन्हें हटाने के लिए अपनी टीम के साथ गांव पहुंच गया। इस कार्रवाई का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया, जिसके चलते इलाके में हंगामे जैसी स्थिति बन गई।
मामला बुलंदशहर सदर तहसील क्षेत्र के नैथला हसनपुर गांव के बाहरी इलाके का है, जहां एक दर्जन से अधिक दलित परिवार रहते हैं। इन परिवारों के लिए विद्युत विभाग ने हाल ही में खंभे लगाकर बिजली की लाइनें बिछाई थीं और सप्लाई भी शुरू कर दी गई थी। बिजली आने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल था।
लेकिन आठ दिन बाद गुरुवार को अचानक विद्युत विभाग की टीम गांव पहुंची और बिजली की लाइनें हटाने की तैयारी करने लगी। यह देखकर ग्रामीण भड़क गए और कड़ा विरोध जताया। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब विभाग ने खुद लाइनें बिछाईं, सप्लाई चालू की और वे सभी बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन भी कर चुके हैं, तो अब अचानक लाइनें हटाने का क्या औचित्य है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला समझ से परे है और इससे दलित परिवारों के साथ अन्याय हो रहा है। फिलहाल विरोध के चलते विभाग की टीम को बिना कार्रवाई लौटना पड़ा। मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि उन्हें स्थायी रूप से बिजली कनेक्शन मिल सके।
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