उत्तर प्रदेश में महंगाई ने आम लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। पहले रसोई गैस (LPG गैस सिलेंडर) की कीमतों में बढ़ोतरी और आपूर्ति की कमी से लोग परेशान थे, अब कोयले के बढ़ते दामों ने छोटे कारोबारियों और आम नागरिकों दोनों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।
गैस संकट का बढ़ता असर
हाल ही में LPG गैस की कीमतों में करीब 60 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद कई इलाकों में सिलेंडर की किल्लत बनी हुई है। इसका सीधा असर न केवल घरों की रसोई पर पड़ा है, बल्कि छोटे व्यवसायों पर भी दिखाई देने लगा है।
कोयले की कीमतों में उछाल
गैस की कमी के चलते कई छोटे काम-धंधे अब कोयले पर निर्भर हो गए हैं। लेकिन जैसे ही कोयले की मांग बढ़ी, उसके दाम भी तेजी से बढ़ गए। इससे खासतौर पर कपड़ों की इस्त्री करने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जो पारंपरिक रूप से कोयले वाली प्रेस का इस्तेमाल करते हैं।
आम जनता पर सीधा असर
कोयले के महंगे होने के कारण अब कपड़ों की इस्त्री भी महंगी हो गई है। जहां पहले एक कपड़े की इस्त्री सस्ती दर पर हो जाती थी, अब उसी के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं। इसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है।
छोटे कारोबारियों की बढ़ी परेशानी
इस्त्री का काम करने वाले लोगों का कहना है कि बढ़ती लागत के कारण उन्हें मजबूरी में अपनी दरें बढ़ानी पड़ रही हैं। अगर ऐसा नहीं किया जाए, तो उनका गुजारा मुश्किल हो जाएगा।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर गैस और कोयले की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो महंगाई का असर और गहरा हो सकता है। छोटे व्यवसायों पर इसका दबाव बढ़ेगा और आम जनता को भी रोजमर्रा के खर्चों में और बढ़ोतरी झेलनी पड़ सकती है।
👉 देश और महंगाई से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज