बिहार सरकार ने राज्य के सभी जिलों में एक-एक ‘मॉडल सोलर विलेज’ विकसित करने की योजना बनाई है। इस पहल का उद्देश्य गांवों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और लोगों के बिजली बिल को लगभग शून्य करना है।
इस योजना के तहत बांका जिले में 11 गांवों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जहां सबसे पहले इस मॉडल को लागू किया जाएगा। यह योजना केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत संचालित हो रही है।
योजना के तहत घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाने पर 78,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा, लाभार्थियों को करीब 7% ब्याज दर पर लोन की सुविधा भी मिल रही है, जिससे वे आसानी से सोलर सिस्टम लगवा सकें।
सरकार का लक्ष्य है कि इन सोलर गांवों के जरिए पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा और बिजली खर्च में कमी लाई जाए। साथ ही, ग्रामीण इलाकों में ऊर्जा की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सफल होती है, तो आने वाले समय में बिहार के अन्य गांवों में भी इसे तेजी से लागू किया जा सकता है।
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