पटना। बिहार शिक्षा विभाग ने वित्तीय गड़बड़ी और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर बड़ा कदम उठाया है। माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सहायकों एवं परिचारियों के वेतन भुगतान से जुड़ी राशि के उपयोगिता प्रमाण-पत्र (UC) समय पर जमा नहीं करने पर राज्य के सभी 38 जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (DPO) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जानकारी के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सभी संबंधित अधिकारियों से 24 घंटे के भीतर जवाब तलब किया है। साथ ही वेतन मद में जारी राशि के खर्च का पूरा विवरण और उपयोगिता प्रमाण-पत्र जमा करने का निर्देश दिया गया है।
विभाग का कहना है कि कई जिलों की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वेतन भुगतान के लिए जारी राशि का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार हुआ या नहीं। इस वजह से ऑडिट और वित्तीय समीक्षा की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है।
शिक्षा विभाग ने अपने निर्देश में साफ कर दिया है कि यदि संबंधित अधिकारियों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस सख्त रुख के बाद जिला शिक्षा प्रशासन में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, नोटिस जारी होने के बाद कई जिलों में लंबित उपयोगिता प्रमाण-पत्र तैयार करने और आवश्यक दस्तावेजों को अपडेट करने का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है।
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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