Janata Dal (United) के भीतर इन दिनों एक नया राजनीतिक समीकरण तेजी से आकार लेता दिखाई दे रहा है। पार्टी सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar को सक्रिय राजनीति में स्थापित करने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। इसके लिए जेडीयू का पूरा संगठनात्मक तंत्र मिशन मोड में काम करता नजर आ रहा है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधान पार्षद Sanjay Singh, जिन्हें संजय गांधी के नाम से भी जाना जाता है, अब निशांत कुमार के सबसे करीबी सहयोगियों में गिने जा रहे हैं। कभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के घर से लेकर दफ्तर तक हर महत्वपूर्ण कामकाज संभालने वाले संजय सिंह अब लगभग हर सार्वजनिक कार्यक्रम में निशांत कुमार के साथ दिखाई दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जेडीयू कार्यालय में भी संजय सिंह लगातार निशांत कुमार के साथ मौजूद रहते हैं और उन्हें संगठनात्मक गतिविधियों, नेताओं से मुलाकात और राजनीतिक व्यवहार से जुड़ी बारीकियों की जानकारी देते हैं। पार्टी के अंदर इसे निशांत कुमार की राजनीतिक ट्रेनिंग के तौर पर देखा जा रहा है।
हाल के दिनों में निशांत कुमार की सार्वजनिक मौजूदगी भी बढ़ी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जेडीयू भविष्य की राजनीति को ध्यान में रखते हुए उन्हें धीरे-धीरे पार्टी के प्रमुख चेहरे के रूप में तैयार करना चाहती है। हालांकि पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन संगठन के भीतर हो रही गतिविधियां कई संकेत दे रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार की राजनीति में उत्तराधिकार को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चाओं के बीच जेडीयू अब निशांत कुमार को लेकर रणनीतिक तरीके से आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में उनकी भूमिका और ज्यादा स्पष्ट हो सकती है।
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