उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अपनी सरकार का बड़ा कैबिनेट विस्तार किया है। चुनाव से करीब 9 महीने पहले हुए इस विस्तार में छह नए मंत्रियों को शामिल किया गया, जबकि दो राज्य मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। इस विस्तार में सबसे ज्यादा चर्चा समाजवादी पार्टी से भाजपा में आए नेता Manoj Pandey की हो रही है।
रायबरेली जिले की ऊंचाहार विधानसभा सीट से लगातार 2012, 2017 और 2022 में विधायक चुने जा चुके मनोज पांडेय लंबे समय तक समाजवादी पार्टी के प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में गिने जाते रहे हैं। वह पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav की सरकार में भी कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
हालांकि 2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए समाजवादी पार्टी के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में वोटिंग की, जिससे प्रदेश की राजनीति में बड़ा संदेश गया। इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था।
भाजपा में शामिल होने के बाद मनोज पांडेय को अवध और पूर्वांचल क्षेत्र में पार्टी के मजबूत ब्राह्मण चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने में जुटी हुई है, और इसी रणनीति के तहत मनोज पांडेय को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मनोज पांडेय का अनुभव और पूर्वांचल-अवध क्षेत्र में उनकी पकड़ भाजपा को चुनाव में फायदा पहुंचा सकती है। वहीं विपक्ष इस कैबिनेट विस्तार को चुनावी रणनीति का हिस्सा बता रहा है।
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