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बिहार के शहरी गरीबों को मिलेगा पक्का घर, प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 74.94 करोड़ रुपये खर्च की मंजूरी
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June 18, 2026
पटना। बिहार के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब, आर्थिक रूप से कमजोर और आवासविहीन परिवारों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना के तहत 74 करोड़ 94 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस फैसले से हजारों जरूरतमंद परिवारों को अपना पक्का घर पाने का सपना साकार होने की उम्मीद जगी है।
सरकारी जानकारी के अनुसार, यह राशि राज्य के विभिन्न शहरों में चल रही आवास परियोजनाओं को गति देने और पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए खर्च की जाएगी। योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है जो अभी तक कच्चे मकानों या किराये के घरों में रहने को मजबूर हैं।
बताया गया है कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा योजना के लिए केंद्रांश की राशि जारी कर दी गई है। इसके साथ ही बिहार सरकार ने भी अपना निर्धारित अंशदान उपलब्ध करा दिया है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से कुल 74.94 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इस वित्तीय स्वीकृति को वर्ष 2026-27 के लिए मंजूरी दी गई है।
सरकार ने सभी नगर निकायों और योजना के कार्यान्वयन से जुड़ी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि राशि का उपयोग प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए। इससे निर्माणाधीन आवासों का कार्य तेज होगा और लाभार्थियों को समय पर वित्तीय सहायता मिल सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस राशि के उपयोग से शहरी क्षेत्रों में आवास निर्माण को नई गति मिलेगी। साथ ही गरीब परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध होने से उनके जीवन स्तर में भी सुधार आएगा। सरकार की यह पहल "सबके लिए आवास" के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
राज्य सरकार का कहना है कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ मिल सके और आवास निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।
पक्का घर केवल एक मकान नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की नींव होता है। ऐसे में सरकार की इस स्वीकृति से हजारों शहरी गरीब परिवारों के चेहरे पर उम्मीद की नई किरण दिखाई दे रही है।
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