बिहार के 9 हजार से अधिक शिक्षकों पर कार्रवाई का खतरा, 24 घंटे में जानकारी अपडेट नहीं की तो रुकेगा वेतन

बिहार के गया जिले के हजारों शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने कड़ा अल्टीमेटम जारी किया है। ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपनी व्यक्तिगत और सेवा संबंधी जानकारी अपडेट नहीं करने वाले शिक्षकों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटे के भीतर आवश्यक विवरण अपलोड नहीं करने पर संबंधित शिक्षकों का वेतन रोका जा सकता है और विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है। शिक्षा विभाग के अनुसार गया जिले में 9 हजार से अधिक ऐसे शिक्षक हैं, जिनकी जानकारी अब तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अधूरी है। इस स्थिति को गंभीर मानते हुए जिला शिक्षा कार्यालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) आनंद कुमार ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों, विद्यालय अवर निरीक्षकों (नगर निगम) तथा लेखा सहायक-सह-डाटा एंट्री ऑपरेटरों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अपने-अपने क्षेत्र के शिक्षकों का पूरा विवरण निर्धारित समय सीमा के भीतर अपडेट कराया जाए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। दरअसल, प्राथमिक शिक्षा निदेशक, पटना के निर्देश पर सभी शिक्षकों को 5 जून 2026 तक अपना विवरण अपडेट करने को कहा गया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षकों ने स्थायी पता, वर्तमान पता और अन्य जरूरी जानकारियां पोर्टल पर दर्ज नहीं कीं। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही माना है। शिक्षकों को ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर पंजीकरण संबंधी जानकारी, पदस्थापन विवरण, व्यक्तिगत जानकारी, स्थायी पता और वर्तमान पता सहित सभी आवश्यक विवरण अनिवार्य रूप से अपडेट करने होंगे। विभाग का कहना है कि इन सूचनाओं के बिना शिक्षकों का डाटाबेस अधूरा रह जाता है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में कठिनाई होती है। शिक्षा विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 24 घंटे के भीतर यह कार्य पूरा कराएं। समयसीमा समाप्त होने के बाद जिन शिक्षकों की जानकारी अपडेट नहीं मिलेगी, उनकी सूची जिला शिक्षा कार्यालय को भेजी जाएगी। विभाग द्वारा जारी पत्र में साफ कहा गया है कि निर्धारित समय तक जानकारी अपलोड नहीं करने वाले शिक्षकों का वेतन स्थगित किया जा सकता है। इसके साथ ही विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और अन्य अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने तथा यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि कोई भी शिक्षक निर्धारित समय सीमा के बाद जानकारी अपडेट करने से वंचित न रहे। शिक्षा विभाग के इस सख्त रुख के बाद जिले के हजारों शिक्षकों में हलचल बढ़ गई है। अब सभी की नजरें 24 घंटे की इस अंतिम समयसीमा पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसके बाद वेतन रोकने और अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। शिक्षा, रोजगार और बिहार की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज।
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