बिहार में जमीन खरीदना हुआ महंगा! नई MVR लागू होते ही 69% तक घट गई रजिस्ट्री, खरीदारों की बढ़ी चिंता

बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री पर नई न्यूनतम मूल्यांकन दर (MVR) लागू होने के बाद इसका असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। बढ़ी हुई सर्किल रेट के कारण जमीन की रजिस्ट्री में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जिला निबंधन कार्यालय के आंकड़े बताते हैं कि पहले जहां प्रतिदिन 90 प्रतिशत से अधिक दस्तावेजों का निबंधन हो रहा था, वहीं नई दरें लागू होने के बाद यह आंकड़ा घटकर मात्र 28 प्रतिशत रह गया है। शनिवार को निबंधन कार्यालय में कुल 58 दस्तावेजों का पंजीकरण हुआ। इनमें 30 दस्तावेज पुराने मूल्यांकन दर पर और केवल 28 दस्तावेज नई दर के अनुसार निबंधित किए गए। अधिकारियों के अनुसार नई एमवीआर लागू होने के बाद निबंधन कार्य में लगभग 69 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जो जमीन बाजार में बढ़ती सुस्ती का संकेत माना जा रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार नगर परिषद और अन्य शहरी क्षेत्रों में कई स्थानों पर जमीन की न्यूनतम मूल्यांकन दर लगभग दोगुनी कर दी गई है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी भूमि की विभिन्न श्रेणियों के अनुसार औसतन 1.60 गुना तक वृद्धि की गई है। इसका सीधा असर जमीन खरीदने वालों पर पड़ा है, क्योंकि अब रजिस्ट्री कराने के लिए पहले की तुलना में काफी अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है। जानकारी के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 13 वर्षों बाद और शहरी क्षेत्रों में लगभग 10 वर्षों बाद सर्किल रेट में संशोधन किया गया है। लंबे समय बाद हुई इस बढ़ोतरी ने अधिकांश श्रेणियों की भूमि के सरकारी मूल्यांकन को काफी ऊपर पहुंचा दिया है। नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण और पेरिफेरल क्षेत्रों की भूमि को सात श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इनमें व्यावसायिक, औद्योगिक, आवासीय, सिंचित, असिंचित, बलुआही, पथरीली, दियारा और चंवर जैसी भूमि शामिल हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों की भूमि को छह श्रेणियों में बांटा गया है, जिनमें प्रधान सड़क, मुख्य सड़क, शाखा सड़क से जुड़ी व्यावसायिक एवं आवासीय भूमि, औद्योगिक तथा कृषि एवं गैर-आवासीय भूमि शामिल हैं। नई नीति में महिलाओं को प्रोत्साहन देने के लिए स्टांप शुल्क में विशेष छूट का प्रावधान भी किया गया है। यदि विक्रेता पुरुष और खरीदार महिला होगी तो स्टांप ड्यूटी में 0.4 प्रतिशत की छूट मिलेगी और सात प्रतिशत की जगह 6.6 प्रतिशत शुल्क देना होगा। वहीं यदि विक्रेता महिला और खरीदार पुरुष होगा तो 0.4 प्रतिशत अतिरिक्त स्टांप शुल्क देना पड़ेगा। यह नियम बिक्री और दानपत्र दोनों मामलों में लागू रहेगा। विभागीय अधिसूचना के अनुसार नई एमवीआर लागू कर दी गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि नई दरों के कारण निबंधन कार्य प्रभावित हुआ है और शुरुआती आंकड़े रजिस्ट्री में कमी की ओर संकेत कर रहे हैं। नई दरों के लागू होने के बाद जमीन कारोबारियों, निवेशकों और आम खरीदारों के बीच चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि बढ़े हुए सर्किल रेट के कारण अब जमीन खरीदना और उसकी रजिस्ट्री कराना पहले की तुलना में कहीं अधिक महंगा हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में बिहार के रियल एस्टेट बाजार पर इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है। बिहार की ताज़ा खबरों के लिए पढ़ते रहिए — मिथिला हिन्दी न्यूज।
👁️ अब तक पढ़ा गया: बार

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.