बिहार में दाखिल-खारिज अब होगा शुल्क के साथ: विधानसभा से संशोधन विधेयक पारित, म्यूटेशन के लिए देने होंगे 200 रुपये

पटना: बिहार में जमीन की दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) कराने वालों के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब दाखिल-खारिज कराने पर 200 रुपये शुल्क देना होगा। इससे संबंधित बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026 मंगलवार को बिहार विधानसभा से पारित हो गया। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद यह नियम पूरे राज्य में लागू हो जाएगा। विधानसभा में विधेयक पेश करते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि राज्य में विकास कार्यों को गति देने और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार एक लोक कल्याणकारी राज्य है और विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त राजस्व की आवश्यकता है। हालांकि, विपक्ष ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि दाखिल-खारिज पर शुल्क लगाने से आम लोगों और गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इस पर मंत्री डॉ. जायसवाल ने जवाब दिया कि गरीब लोग जमीन खरीदकर दाखिल-खारिज नहीं कराते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार स्वयं भूमिहीन परिवारों को तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध करा रही है, इसलिए इस निर्णय का गरीबों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। सदन में मंत्री ने यह भी घोषणा की कि 15 अगस्त को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राज्य के 30 हजार भूमिहीन परिवारों को बासगीत पर्चा वितरित करेंगे, ताकि उन्हें भूमि का वैधानिक अधिकार मिल सके। मंगलवार को विधानसभा की दूसरी पाली में कुल सात महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। इनमें बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, बिहार माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक, बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) (संशोधन) विधेयक और बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए सम्परिवर्तन) (निरसन) विधेयक शामिल हैं। अब इन सभी विधेयकों को राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद ये नए कानून के रूप में पूरे बिहार में लागू हो जाएंगे। — रोहित कुमार सोनू संपादक, मिथिला हिन्दी न्यूज
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