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बिहार में 63,047 सरप्लस शिक्षकों का होगा समायोजन, टीआरई-4 की अधियाचना इसी महीने BPSC को भेजेगी सरकार
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July 21, 2026
पटना: बिहार के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने और सभी स्कूलों में संतुलित तैनाती सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा के मानसून सत्र में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में 63,047 सरप्लस शिक्षक हैं, जिनका चरणबद्ध तरीके से उन विद्यालयों में समायोजन किया जाएगा, जहां शिक्षकों की कमी है।
शिक्षा मंत्री ने सदन में कहा कि अब शिक्षकों की नियुक्ति जिला कैडर के आधार पर की जाएगी। यानी जिस जिले में शिक्षक की नियुक्ति होगी, सामान्य परिस्थितियों में उन्हें उसी जिले में सेवा देनी होगी। इससे बार-बार होने वाले स्थानांतरण पर रोक लगेगी और प्रत्येक जिले में शिक्षकों की उपलब्धता बनी रहेगी।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि टीआरई-4 शिक्षक भर्ती की अधियाचना इसी महीने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) को भेज दी जाएगी। मुख्यमंत्री की ओर से अगले पांच वर्षों में एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति के लक्ष्य के तहत भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
शिक्षा विभाग के अनुसार कई प्राथमिक विद्यालयों में निर्धारित मानक से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि अनेक स्कूलों में अभी भी शिक्षकों की कमी है। इसी असंतुलन को दूर करने के लिए 63,047 सरप्लस शिक्षकों का आवश्यकता वाले विद्यालयों में समायोजन किया जाएगा।
टीआरई-4 भर्ती में हुई देरी पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि इसमें कोई जानबूझकर विलंब नहीं किया गया। सभी जिलों से विषयवार और विद्यालयवार रिक्तियों का विस्तृत ब्योरा मंगाकर वास्तविक रिक्त पदों का आकलन किया गया है। अब अधियाचना भेजने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
सरकार का दावा है कि सरप्लस शिक्षकों के समायोजन, जिला कैडर व्यवस्था और टीआरई-4 भर्ती पूरी होने के बाद बिहार के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
— रोहित कुमार सोनू
संपादक, मिथिला हिन्दी न्यूज
