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बिहार में संविदा प्रोफेसर भर्ती में बड़ा यू-टर्न, 3,687 से घटाकर 2,532 पद; अभ्यर्थियों में बढ़ी चिंता
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July 17, 2026
पटना: बिहार के उच्च शिक्षा क्षेत्र और प्रोफेसर बनने की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) ने नवस्थापित डिग्री कॉलेजों में संविदा प्रोफेसरों की नियुक्ति को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए रिक्तियों की संख्या में भारी कटौती कर दी है। आयोग की संशोधित अधिसूचना के अनुसार अब 3,687 पदों के बजाय केवल 2,532 पदों पर ही संविदा शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह भर्ती केवल बिहार के नवस्थापित डिग्री कॉलेजों के लिए होगी। नियुक्तियां राज्य के 10 पारंपरिक विश्वविद्यालयों के अधिकार क्षेत्र में की जाएंगी। नए नियमों के तहत सभी विश्वविद्यालयों में चयनित छह अनिवार्य विषयों के लिए समान संख्या में पद निर्धारित किए गए हैं। आयोग के अनुसार प्रत्येक विषय में कुल 422-422 पद स्वीकृत किए गए हैं।
रिक्तियों में अचानक की गई इस बड़ी कटौती से प्रतियोगी अभ्यर्थियों के बीच चिंता बढ़ गई है। नेट (NET) और पीएचडी (PhD) उत्तीर्ण हजारों उम्मीदवारों का कहना है कि सीटें कम होने से चयन की प्रतिस्पर्धा पहले से कहीं अधिक कठिन हो जाएगी और रोजगार के अवसर भी सीमित होंगे।
इस बीच भर्ती प्रक्रिया कानूनी विवाद में भी घिर गई है। लंबे समय से कार्यरत कई गेस्ट फैकल्टी ने पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि उनके वर्तमान कार्यरत पदों को भी नई रिक्ति सूची में शामिल कर लिया गया है। शिक्षकों ने अदालत से मांग की है कि नई भर्ती प्रक्रिया के कारण उनकी सेवा और मानदेय पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
अब इस भर्ती प्रक्रिया पर अभ्यर्थियों की नजर आयोग के अगले कदम और हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई पर टिकी हुई है। यदि अदालत की ओर से कोई नया आदेश आता है तो भर्ती प्रक्रिया में आगे और बदलाव संभव हो सकते हैं।
— मिथिला हिंदी न्यूज़
रिपोर्ट: रोहित कुमार सोनू
