गंडक नदी का जलस्तर बढ़ा, वाल्मीकिनगर बराज से 80,300 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, 43 गांवों में बढ़ी सतर्कता

गोपालगंज: नेपाल में हुई बारिश के बाद गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। वाल्मीकिनगर बराज से जल प्रवाह बढ़ाकर 80,300 क्यूसेक कर दिया गया है, जिसके शुक्रवार सुबह तक गोपालगंज पहुंचने की संभावना है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने तटबंधों और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी तेज कर दी है। बुधवार तक करीब 48 हजार क्यूसेक रहने वाला जल डिस्चार्ज बढ़कर 80,300 क्यूसेक पहुंच गया है। हालांकि फिलहाल नेपाल में बारिश थम गई है, लेकिन गंडक नदी का जलस्तर अभी भी बढ़ रहा है। विभाग के अनुसार एक लाख क्यूसेक से कम पानी रहने के दौरान जलस्तर में उतार-चढ़ाव से कटाव का खतरा अधिक रहता है। जादोपुर-मंगलपुर पुल के उत्तर हिस्से में चल रहे कटावरोधी कार्यों पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर से दियारा क्षेत्र के 43 गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। ये गांव नदी और तटबंध के बीच स्थित हैं, जहां जलप्रवाह बढ़ने पर बाढ़ का खतरा बना रहता है। फिलहाल विशंभरपुर में नदी खतरे के निशान से 93 सेंटीमीटर नीचे बह रही है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता मो. साजिद इकबाल ने बताया कि इस वर्ष तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि गंडक नदी में पांच लाख क्यूसेक तक पानी आने की स्थिति में भी तटबंधों को कोई खतरा नहीं है। निगरानी के लिए 33 संवेदनशील स्थानों पर जूनियर इंजीनियरों की तैनाती की गई है। — मिथिला हिंदी न्यूज़ संपादक: रोहित कुमार सोनू
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