कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा, तटबंध किनारे बसे गांवों में बढ़ी चिंता

मानसून के सक्रिय होने के साथ ही कोसी नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसे लेकर दरभंगा जिले के किरतपुर प्रखंड के पश्चिमी कोसी तटबंध से सटे जमालपुर, भुभौल समेत आसपास के गांवों के लोगों में पिछले साल की घटनाओं को याद कर चिंता बढ़ गई है। जल संसाधन विभाग के अनुसार रविवार को कोसी बराज से करीब 1.30 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। विभाग का कहना है कि फिलहाल नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है और स्थिति सामान्य बनी हुई है। हालांकि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर अगले 24 से 48 घंटे में जलप्रवाह बढ़ने की संभावना जताई गई है। विभाग ने बताया कि पश्चिमी कोसी तटबंध के संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है। अभियंताओं और कर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षात्मक कदम उठाए जा सकें। इसके बावजूद तटबंध से सटे गांवों के लोगों की चिंता कम नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि 29 सितंबर 2024 को भुभौल गांव के पास बनी आपात स्थिति आज भी उनके मन में ताजा है। उनका मानना है कि नेपाल में भारी बारिश होने पर कोसी नदी का जलस्तर कुछ ही घंटों में तेजी से बढ़ सकता है और पिछले वर्ष जैसी स्थिति फिर पैदा हो सकती है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि अधिकारियों ने तटबंध को ऊंचा और मजबूत बनाने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे हर मानसून में तटबंध किनारे बसे लोगों के बीच अनिश्चितता और भय का माहौल बना रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार तटबंध पर संकट आने की स्थिति में सबसे अधिक नुकसान सीमावर्ती गांवों को उठाना पड़ता है। फसल, पशुधन, मकान और आजीविका पर इसका सीधा असर पड़ता है, जबकि राहत और पुनर्वास कार्य अपेक्षित गति से नहीं हो पाते
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