रून्नीसैदपुर में डायरिया का कहर, एक ही परिवार की दादी और पोती की मौत, गांव में दहशत

सीतामढ़ी: जिले के रून्नीसैदपुर प्रखंड अंतर्गत बघारी पंचायत के वार्ड संख्या-2 स्थित भरेहवा गांव में डायरिया ने एक परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया। डायरिया की चपेट में आने से एक ही परिवार की 55 वर्षीय जानकी देवी और उनकी सात वर्षीय पोती राखी कुमारी की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक के साथ-साथ दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात खाना खाने के बाद परिवार के पांच सदस्यों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सभी को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। शुरुआत में परिजनों ने ग्रामीण चिकित्सक से इलाज कराया, लेकिन गुरुवार रात जानकी देवी और उनकी सात वर्षीय पौत्री राखी कुमारी की हालत लगातार गंभीर होती चली गई। शुक्रवार सुबह दोनों को इलाज के लिए मानिकचौक स्थित एक निजी क्लीनिक ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक बच्ची राखी कुमारी, अरविंद झा की पुत्री थीं। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। निजी चिकित्सक डॉ. शंभूनाथ ठाकुर ने बताया कि परिवार की नौ वर्षीय मंगीता कुमारी भी डायरिया से पीड़ित है और उसका इलाज जारी है। उन्होंने बताया कि समय पर उचित इलाज नहीं मिलने के कारण दादी और पोती की जान नहीं बचाई जा सकी। हालांकि मंगीता की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। रून्नीसैदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की प्रभारी डॉ. रजनी ने बताया कि भरेहवा गांव में चिकित्सकों की टीम भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि उल्टी, दस्त या डायरिया के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराएं और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। स्वास्थ्य विभाग ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने, भोजन को साफ-सुथरे तरीके से रखने तथा हाथों की नियमित सफाई जैसी सावधानियां अपनाने की भी सलाह दे रहा है, ताकि डायरिया जैसी बीमारियों से बचा जा सके। — मिथिला हिंदी न्यूज़ रिपोर्ट: रोहित कुमार सोनू
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