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पटना: बिहार में मानसून का मिजाज इन दिनों दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कर रहा है। एक ओर दक्षिण बिहार के कई जिले सामान्य से कम बारिश के कारण सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं, तो दूसरी ओर उत्तर बिहार में लगातार हो रही बारिश और नेपाल से आने वाले पानी ने बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। मौसम विभाग ने 16 और 17 जुलाई के लिए कई जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। गुरुवार सुबह बगहा, बेतिया, रक्सौल और नालंदा में झमाझम बारिश हुई, जबकि गोपालगंज में घने काले बादलों के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया। सबसे अधिक चिंता नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश को लेकर है। इसके कारण कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और सीमावर्ती जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इधर, वज्रपात ने भी कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। समस्तीपुर के सरायरंजन प्रखंड में ठनका गिरने से 14 वर्षीय रंजीत कुमार और कारी देवी की मौत हो गई, जबकि 16 वर्षीय छोटू कुमार गंभीर रूप से झुलस गया और उसका इलाज जारी है। वहीं लखीसराय के हलसी में वज्रपात की चपेट में आने से वाल्मीकि चंद्रवंशी और गिरीश कुमार की जान चली गई। गया जिले के शेरघाटी स्थित बेलडीह गांव में स्कूल जा रहे 13 वर्षीय छात्र अंकुश राज की भी आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद संबंधित जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आपदा प्रबंधन विभाग के तहत मिलने वाली अनुग्रह सहायता राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, किशनगंज, कटिहार, पश्चिम चंपारण और अररिया में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और सुपौल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, शिवहर और सीतामढ़ी में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा, भारी बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। वहीं नालंदा, पटना, वैशाली और गोपालगंज में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इन जिलों में भी मेघगर्जन और ठनका गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 14 जुलाई तक बिहार में सामान्य से 41 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। दक्षिण बिहार, विशेषकर पटना और आसपास के क्षेत्रों में फिलहाल केवल हल्की बारिश की संभावना है, जबकि उत्तर बिहार में अगले दो दिनों तक मौसम अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश और मेघगर्जन के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। तेज गर्जना सुनाई देने पर तुरंत किसी सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें। रिपोर्ट: रोहित कुमार सोनू मिथिला हिंदी न्यूज
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