नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज के खिलाफ बिहार में छात्रों ने व्यापक प्रदर्शन किया। इसी के समर्थन में 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया गया, जिसमें विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया।
बिहार बंद के दौरान जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव भी प्रदर्शन में सक्रिय रहे। हालांकि, उसी दिन शाम को पुलिस ने उन्हें पटना के सिटी मॉल क्षेत्र से हिरासत में ले लिया। उनकी गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया।
तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी पर उनके छोटे भाई और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए चेतावनी दी कि यदि तेज प्रताप यादव समेत गिरफ्तार छात्रों और आंदोलनकारियों को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इसके बाद बिहार पुलिस की ओर से एक पत्र जारी कर आंदोलन के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने की जानकारी दी गई। रिहाई के बाद जेल से बाहर आए तेज प्रताप यादव ने अपने विरोधियों पर तीखा हमला बोला और कहा कि छात्र हितों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी तथा आंदोलन को दबाने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा।
मिथिला हिन्दी न्यूज