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प्रदेश सचिव बनते ही सुड्डू साईं ने किया इस्तीफे का ऐलान, भागलपुर जेडीयू में मची हलचल
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July 09, 2026
भागलपुर: जनता दल (यूनाइटेड) ने संगठन विस्तार के तहत भागलपुर के वरिष्ठ नेता सुड्डू साईं, कहलगांव नगर पंचायत के चेयरमैन संजीव चंद्रवंशी और उर्दू परामर्शदात्री समिति की सदस्य शबाना दाऊद को प्रदेश सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी के इस फैसले का जिलाध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया और सभी नवमनोनीत नेताओं को बधाई दी।
जिलाध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता ने कहा कि संगठन के प्रति लंबे समय से समर्पण, अनुभव और सक्रिय भूमिका को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने इन नेताओं को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। वहीं जिला प्रवक्ता शैलेंद्र तोमर ने कहा कि इन नियुक्तियों से भागलपुर में जेडीयू संगठन और अधिक मजबूत होगा।
हालांकि, इस खुशी के बीच बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम तब सामने आया, जब प्रदेश सचिव बनाए जाने के कुछ ही समय बाद सुड्डू साईं ने सोशल मीडिया पर अपने सभी पदों से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। फेसबुक पर उन्होंने लिखा कि वह हमेशा जनता दल (यू) के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं और प्रदेश सचिव जैसा सम्मानजनक पद किसी अन्य जमीनी कार्यकर्ता को मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना किसी पद के भी वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पार्टी संगठन के लिए काम करते रहेंगे।
सुड्डू साईं के इस फैसले के बाद भागलपुर जेडीयू में हलचल तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां कई लोगों ने उनके फैसले को त्याग की भावना बताया, वहीं पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनसे अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की है।
इस पूरे मामले पर जिलाध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता ने कहा कि सुड्डू साईं फिलहाल किसी आवश्यक कार्य से भागलपुर से बाहर हैं। उनके लौटने के बाद आमने-सामने बातचीत कर उनकी नाराजगी दूर करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी को अब तक उनकी ओर से कोई औपचारिक या लिखित इस्तीफा प्राप्त नहीं हुआ है और उन्हें भी इसकी जानकारी केवल सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से मिली है।
गौरतलब है कि सुड्डू साईं वर्ष 2010 से जनता दल (यू) के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं। संगठन विस्तार और सदस्यता अभियान में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वह भागलपुर विधानसभा सीट से दो बार टिकट के प्रबल दावेदार भी रह चुके हैं। ऐसे में उनके इस अप्रत्याशित कदम ने जिले की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें उनके अगले फैसले और पार्टी नेतृत्व के साथ होने वाली बातचीत पर टिकी हैं।
— मिथिला हिंदी न्यूज़
रिपोर्ट: रोहित कुमार सोनू, संपादक
