बिहार के विश्वविद्यालयों में शिक्षक बहाली का रास्ता साफ, कैबिनेट ने नई नियमावली को दी मंजूरी

बिहार के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत महाविद्यालयों में लंबे समय से खाली पड़े शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति का रास्ता अब साफ हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग कार्य संचालन (संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले से राज्य में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। कैबिनेट बैठक के बाद कैबिनेट सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि संशोधित नियमावली के तहत अब इंटरव्यू के लिए आवश्यकता के अनुसार अधिक संख्या में चयन बोर्ड गठित किए जा सकेंगे। इससे नियुक्ति प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी होगी। सरकार का कहना है कि इस संशोधन से विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में वर्षों से रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों को भरने में आ रही प्रशासनिक बाधाएं दूर होंगी। इससे उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध हो सकेगा। उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, नई नियमावली लागू होने के बाद बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाएगा। अंगीभूत महाविद्यालयों में भी शिक्षकों की बहाली आसान होगी, जिससे शिक्षकों की कमी से जूझ रहे संस्थानों को बड़ी राहत मिलेगी। बुधवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें विश्वविद्यालयों में शिक्षक बहाली के अलावा पटना से विशेष सोमनाथ यात्रा ट्रेन, ‘भारत जी राम जी योजना’, पटना नगर निगम के लिए 200 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड जारी करने, पटना जू में 23 नए पदों के सृजन तथा बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के 31 बस डिपो और बस स्टैंड का पीपीपी मॉडल पर निर्माण जैसे कई अहम फैसलों को भी स्वीकृति मिली। शिक्षा और बिहार की हर बड़ी खबर के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज।
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